खंडहर भवन से संदिग्ध युवक को बाहर निकालते हुए वंदे मातरम दल के सदस्य।
जागरण संवाददाता, अंबाला। सैन्य क्षेत्र में 16-17 वर्षीय युवक एक साल तक बिना किसी रोक-टोक के खंडहरनुमा भवन में रहता रहा और किसी को भनक नहीं लगी। शुक्रवार को छावनी पुलिस और आर्मी इंटेलिजेंस की संयुक्त कार्रवाई में जिस युवक को खंडहर भवन से रेस्क्यू किया गया, उसके तौर-तरीकों और गतिविधियों ने इस मामले को सामान्य से कहीं अधिक गंभीर बना दिया है।
युवक के पास एयरफोर्स कर्मी जैसी वर्दी होना, रात के अंधेरे में ही बाहर निकलना और दीवारों पर कोडवर्ड लिखना, सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ाने वाले संकेत माने जा रहे हैं। युवक कमरे की शेल्फ के ऊपर बैठता और यहीं पर सोता था जोकि ग्राउंड लेवल से 10 फुट ऊंची थी। पूछताछ में उसने अपना नाम बस दिनेश बताया। इससे ज्यादा वह कुछ नहीं बता रहा।
महाराणा प्रताप मार्ग स्थित यह खंडहर भवन सैन्य एरिया में आता है। जानकारी के अनुसार युवक दिन के समय पूरी तरह नजरों से ओझल रहता था और रात के समय ही बाहर निकलकर भोजन की व्यवस्था करता था। बताया जा रहा है कि वह लंबे समय से इसी भवन में रह रहा था, किसी की नजर उस पर नहीं पड़ी। यह स्थिति तब सामने आई, जब वंदेमातरम दल को उसकी संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली।
डेढ़ घंटे चला सर्च अभियान, दीवारों व छत पर लिखे थे कोडवर्ड
सूचना मिलते ही शुक्रवार सुबह छावनी पुलिस और आर्मी इंटेलिजेंस ने कार्रवाई कर युवक को सुरक्षित बाहर निकाला। तलाशी के दौरान कमरे की दीवारों और छत पर चाक से लिखे गए कई नंबर, शब्द और प्रतीक मिले, जिन्हें कोडवर्ड के रूप में देखा जा रहा है। आर्मी इंटेलिजेंस ने अपने रिकॉर्ड में लिया है। युवक को लुधियाना स्थित मनुखता दी सेवा सेवा सोसायटी के हवाले किया गया।
कहां से आई वर्दी... रात को ही क्यों निकलता था बाहर
प्रारंभिक जांच में युवक के मंदबुद्धि होने की आशंका जताई जा रही है, लेकिन उसके व्यवहार और गतिविधियों ने कई अनसुलझे सवाल छोड़ दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि उसके पास एयरफोर्स कर्मी की वर्दी आखिर आई कहां से। |
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