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जागरण संवाददाता, उन्नाव। बच्चों के शारीरिक शोषण की हो रही घटनाएं विचलित कर देने वाली इन सब के पीछे पोर्न साइट पर परोसी जा रही सामग्री बड़ा कारण है। उन्नाव के सोहरामऊ का एक युवक इंस्टाग्राम आइडी पर ऐसी सामग्री परोसने में चर्चा में आया है। गृह मंत्रालय के साइबर पोर्टल से मिले अलर्ट के बाद उन्नाव की साइबर थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि यह युवक चाइल्ड पोर्नोग्राफी से जुड़े फोटो-वीडियो अपनी आइडी पर अपलोड कर रहा था।
साइबर थाना के दारोगा सुभाष चंद्र ने इस मामले में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत सोहरामऊ के महनौरा गांव निवासी अनूप सिंह पर रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि गृहमंत्रालय से संचालित साइबर पुलिस पोर्टल के एनसीएमईईसी (नेशनल सेंटर फार मिसिंग एंड एक्सप्लाइटेड चिल्ड्रन) टैब से गत वर्ष 29 अक्टूबर को इनपुट मिला कि चाइल्ड पोर्नोग्राफी से संबंधित फोटो-वीडियो इंटरनेट मीडिया पर अपलोड किए गए। इंस्टाग्राम आइडी और दर्ज मोबाइल नंबर की काल डिटेल रिकार्ड (सीडीआर) और कस्टमर एक्विजिशन फार्म (सीएएफ) से आरोपित की पहचान हुई।
जांच में पता चला कि आरोपित अनूप सिंह उन्नाव के सोहरामऊ के ग्राम महनौरा का रहने वाला है। उसने चाइल्ड पोर्नोग्राफी से संबंधित अश्लील सामग्री अपनी इंस्टाग्राम आइडी पर अपलोड की थी। दारोगा सुभाष चंद्र ने बताया कि उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
कब्जे में लिया आरोपित का मोबाइल, फोरेंसिक लैब से होगी जांच
आरोपित यह फोटो वीडियो कहां से लाया, किन-किन लोगों को उसने यह वीडियो फोटो फारवर्ड किया। कहीं इसके पीछे कोई गिरोह तो काम नहीं कर रहा है, इन परतों को उजागर करने के लिए साइबर टीम ने आरोपित का मोबाइल कब्जे में लिया है। पता लगाया जा रहा है कि कौन-कौन लोग उसके संपर्क में हैं। जांच के लिए पुलिस मोबाइल को फोरेंसिक लैब भी भेज सकती है।
पोर्न साइट डाल रही बुरा असर बच्चों पर निगरानी की जरूरत
बच्चों से यौन शोषण के अपराध का सबसे बड़ा कारण पोर्न साइट है। इससे बच्चों के साथ बड़ों की मानसिकता पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। जानकारों के अनुसार बच्चों को मोबाइल देते समय उन पर नजर रखें। सतर्कता से ही बचाव किया जा सकता है।
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