पोर्टल पर दर्ज होगा विदेशी छात्रों का पूरा विवरण। सांकेतिक तस्वीर
जागरण संवाददाता, सिद्धार्थनगर। नेपाल सीमा से सटे सिद्धार्थनगर जनपद में मदरसों में पढ़ रहे विदेशी छात्रों को लेकर प्रशासन ने निगरानी कड़ी कर दी है। हालिया समीक्षा में यह बात सामने आई है कि कई मदरसों में नेपाल सहित अन्य देशों के छात्र अध्ययनरत हैं, लेकिन उनके संबंध में निर्धारित औपचारिकताओं का पालन नहीं किया गया है। इसे गंभीर मानते हुए प्रशासन ने अब मदरसा प्रबंधन से स्पष्ट और पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
जनपद में कुल 453 मान्यता प्राप्त मदरसे संचालित हैं। वर्षों से इनमें विदेशी नागरिकता वाले छात्रों का नामांकन होता रहा है। नियमों के अनुसार किसी भी शैक्षणिक संस्था को विदेशी छात्र के प्रवेश की सूचना तय समय के भीतर संबंधित ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज करनी होती है, लेकिन जांच में पाया गया कि कई मदरसों ने यह प्रक्रिया पूरी नहीं की।
अनेक संस्थानों में न तो विदेशी छात्रों की सही संख्या का रिकॉर्ड है और न ही उनके ठहरने की अवधि व पहचान से जुड़े दस्तावेज व्यवस्थित रूप से संधारित किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि सिद्धार्थनगर सीमा से सटा जनपद होने के कारण यहां आवागमन सहज है। इसी वजह से नेपाल से बड़ी संख्या में छात्र धार्मिक शिक्षा के लिए आते हैं। ऐसे में यदि समय पर जानकारी साझा न की जाए तो सुरक्षा और निगरानी को लेकर शंकाएं उत्पन्न होती हैं।
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यही कारण है कि प्रदेश स्तर पर जारी निर्देशों के क्रम में जनपद में भी इस विषय को प्राथमिकता पर लिया गया है। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग और पुलिस द्वारा पहले भी मदरसा प्रबंधन को छात्रों व शिक्षकों के सत्यापन और विदेशी छात्रों की सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अपेक्षित अनुपालन नहीं हुआ। अब सभी मदरसों से एक सप्ताह के भीतर विस्तृत सूची मांगी गई है, जिसमें विदेशी छात्रों की संख्या, नागरिकता और अध्ययन की अवधि का स्पष्ट उल्लेख करना होगा। नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मदरसों में पढ़ रहे सभी विदेशी छात्रों का विवरण जुटाया जा रहा है। यह प्रक्रिया पारदर्शिता और सुरक्षा के लिए है। नियमों का पालन न करने वाले संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई तय है। -
-नीरज अग्रवाल, अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी। |
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