राज्य ब्यूरो, लखनऊ। सीजीएसटी के अधिकारियों ने झांसी में कई व्यापारियों से रिश्वत ली थी। इसका राजफाश गुरुवार को सीबीआई की पूछताछ में आरोपित जीसीएसटी कर्मियों ने किया है। आरोपितों ने डिप्टी कमिश्नर का प्रभा भंडारी का नाम लिए बिना सीबीआई को बताया कि एक नहीं कई मामलों में अधिकारियों ने रिश्वत ली है।
सीबीआई ने डेढ़ करोड़ रुपये की रिश्वतखोरी के आरोप में 31 दिसंबर को सीजीएसटी के झांसी कार्यालय में तैनात डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें सीजीएसटी कार्यालय में तैनात अनिल तिवारी व अजय शर्मा भी शामिल थे। इन्हें जेल भेज दिया गया था।
सीबीआई ने रिश्वतखोरी के इस मामले में आगे की पूछताछ के लिए सीबीआई की विशेष अदालत से डिप्टी कमिश्नर को एक दिन और दोनों कर्मचारियों को तीन दिन की कस्टडी रिमांड पर लिया था। डिप्टी कमिश्नर से बुधवार को पूछताछ की गई थी। उन्होंने खुद को निर्दोष बताया था और सारा ठीकरा कर्मचारियों पर फोड़ा था। उन्हें बुधवार शाम को जेल भेज दिया गया था।
साथ ही गुरुवार दोनों आरोपित कर्मियों से पूछताछ की गई तो उन्होंने रिश्वतखोरी के मामले में अधिकारियों पर कई संगीन आरोप लगाए हैं। कर्मियों ने सीबीआई को बताया कि झांसी के कई और व्यापारियों से टैक्स को कम करने के नाम पर रिश्वत ली गई थी। |
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