इंडिगो एयरलाइन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष को नौकरी से निकाला। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। केंद्र सरकार की तरफ से पेश हुए एडिशनल सालिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने पीठ को सूचित किया कि इंडिगो के वरिष्ठ उपाध्यक्ष को नौकरी से निकालने के लिए कहा गया है और 22 करोड़ रुपये से ज्यादा का जुर्माना लगाया गया है।
इसके साथ ही कुछ वरिष्ठ अधिकारियों को चेतावनी दी गई है। केंद्र सरकार की तरफ सीलबंद लिफाफे में दाखिल की गई रिपोर्ट को रिकार्ड पर लेते हुए अदालत ने कहा कि रिपोर्ट को सीलबंद लिफाफे में रखा जाए। अदालत ने रिकार्ड पर लिया कि डीजीसीए द्वारा कार्रवाई रिपोर्ट भी फाइल की गई है।
रद टिकटों का किया जा रहा रिफंड
इसे भी रिकार्ड पर ले लिया गया है। अदालत को यह भी बताया कि रद किए गए टिकटों का रिफंड किया जा रहा है या है। हालांकि, यह भी बताया कि विमान रद होने के साथ ही एयरपोर्ट पर फंसे रहने वाले यात्रियों के लिए मुआवजा की प्रक्रिया पर काम किया जा रहा है और जल्द से जल्द इसका भुगतान किया जाएगा।
इस पर पीठ ने एयरलाइन्स को तीन सप्ताह के अंदर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया। मामले पर अगली सुनवाई 25 फरवरी को होगी।
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