तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण
जागरण संवाददाता, सिद्धार्थनगर। राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण योजना के अंतर्गत खुरपका-मुंहपका रोग के सातवें चरण का टीकाकरण अभियान गुरुवारसे में प्रारंभ हो गया। जनपद में यह अभियान लगातार 45 दिनों तक चलेगा और 10 मार्च संपन्न होगा। इस दौरान जनपद के कुल दो लाख 13 हजार 16 गोवंशीय एवं महिषवंशीय पशुओं को खुरपका-मुंहपका रोग से बचाव के लिए टीकाकरण किया जाएगा।
निदेशालय पशुपालन विभाग की ओर से जिले को दो लाख 11 हजार 846 टीके दिये गए हैं। इसे सभी विकासखंडों में लक्ष्य के अनुसार वितरित कर दिया गया है। प्रत्येक विकासखंड में उपमुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी अथवा पशु चिकित्सा अधिकारी को नोडल अधिकारी नामित करते हुए टीकाकरण टीमों का गठन किया गया है। एक टीम में चार सदस्यों को शामिल किया गया है।
अभियान के तहत सर्वप्रथम बाढ़ प्रभावित गांवों में टीकाकरण कार्य किया जाएगा, इसके बाद रोस्टर के अनुसार शेष गांवों को आच्छादित किया जाएगा। सभी नोडल अधिकारियों और टीमों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक पशु को दो मिलीलीटर मात्रा में गहरे मांसपेशीय इंजेक्शन के माध्यम से टीका लगाया जाए।
अभियान का शुभारंभ विधायक कपिलवस्तु श्यामधनी राही ने हरी झंडी दिखाकर टीकाकरण वाहनों को रवाना कर किया। उन्होंने कहा कि यह अभियान पशुधन को रोग से बचाने और पशुपालकों को आर्थिक नुकसान से सुरक्षित रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
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नोडल अधिकारी उपमुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. ऋषिकेश दर्शन ने बताया कि खुरपका-मुंहपका एक विषाणुजनित संक्रामक रोग है, जो पशुओं की सेहत और उत्पादकता को गंभीर रूप से प्रभावित करता है। इससे बचाव का सबसे प्रभावी उपाय नियमित टीकाकरण है। उन्होंने पशुपालकों से अभियान में सहयोग करने की अपील की। |
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