सैकड़ों फ्लैट खरीदारों ने बिल्डर और संबंधित विभागों के विरुद्ध एकजुट होकर बैठक और शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया।
संवाद सहयोगी, नया गुरुग्राम। सेक्टर-37सी स्थित अफोर्डेबल हाउसिंग प्रोजेक्ट आशियारा में लगातार हो रही देरी और धन के दुरुपयोग के आरोपों को लेकर आज सैकड़ों फ्लैट खरीदारों ने बिल्डर और संबंधित विभागों के विरुद्ध एकजुट होकर बैठक और शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। यह परियोजना प्रधानमंत्री आवास योजना और हरियाणा सरकार की अफोर्डेबल हाउसिंग नीति के तहत विकसित की जा रही है।
खरीदारों का कहना है कि उन्होंने वर्ष 2018 में अपने घर बुक कराए थे और साढ़े तीन साल से अधिक समय पहले पूरी राशि का भुगतान कर दिया था, लेकिन आज तक निर्माण कार्य लगभग बीस प्रतिशत ही पूरा हो सका है। पिछले एक वर्ष से निर्माण कार्य पूरी तरह बंद पड़ा है, जिससे खरीदारों में भारी रोष है।
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आरोप लगाया कि वर्ष 2020 से अब तक बिल्डर ने बारह बार प्रोजेक्ट पूरा करने की तारीख बदली, लेकिन हर बार वादा अधूरा ही रहा। विभागीय अधिकारियों के साथ कई बैठकों के बाद भी कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया। वर्ष 2022 से अब तक संबंधित विभागों द्वारा दिए गए आदेशों का भी पालन नहीं किया गया।
खरीदार गौतम मैती, संजीव शर्मा, कुलदीप सिंह, सौरभ सिंह, रितेश कुमार ने यह भी सवाल उठाया कि जब फ्लैट की पूरी कीमत पहले ही ली जा चुकी है, तो अब बिल्डर द्वारा ऋण लेने की बात क्यों की जा रही है। इससे यह संदेह गहराता है कि खरीदारों का पैसा कहां और किस काम में खर्च किया गया। इसके अलावा, परियोजना का लाइसेंस समाप्त होने और खाते पर रोक लगने की जानकारी से भी चिंता बढ़ गई है।
इस देरी के कारण अफोर्डेबल घर खरीदने वाले परिवार गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। उन्हें एक ओर घर का कर्ज और दूसरी ओर किराया देना पड़ रहा है, जिससे जीवन यापन मुश्किल हो गया है।
खरीदारों ने सरकार और संबंधित विभागों से मांग की है कि इस मामले में तुरंत सख्त कार्रवाई की जाए, निर्माण कार्य दोबारा शुरू कराया जाए और उन्हें जल्द से जल्द उनके घरों का कब्जा दिलाया जाए। उनका कहना है कि यह मामला मध्यम वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के साथ न्याय से जुड़ा है, जिन्होंने अपनी जीवन भर की कमाई इस सपने में लगा दी। |