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बिना सहमति बिजली मीटरों को प्रीपेड मोड में बदले जाने के खिलाफ याचिका, पोस्टपेड में वापस करने की मांग

cy520520 2026-1-22 10:27:43 views 768
  



राज्य ब्यूरो, लखनऊ। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने उपभोक्ताओं की सहमति के बिना उनके स्मार्ट मीटर को प्रीपेड मोड में बदले जाने के खिलाफ बुधवार को उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग में लोक महत्व प्रस्ताव दाखिल किया है।

प्रस्ताव के माध्यम से कहा है कि उपभोक्ताओं की सहमति के बिना उनके स्मार्ट मीटर को प्रीपेड मोड में बदला जाना राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। आयोग बिजली कंपनियों के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू करे।  

परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने बुधवार को नियामक आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार और सदस्य संजय सिंह से मुलाकात कर लोक महत्व का प्रस्ताव दाखिल किया। जिसमें कहा गया है कि बिजली कंपनियां राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन कर रही हैं। लिहाजा इनके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही की जाए।

प्रदेश में लगभग 61 लाख स्मार्ट मीटर स्थापित किए गए हैं, जिनमे से लगभग 47 लाख उपभोक्ताओं की सहमति के बिना ही उनके मीटर को प्रीपेड मोड में बदल दिया गया है। यह कदम विद्युत अधिनियम-2003 की धारा 47 (5) उपभोक्ता अधिकारों और नियामक के निर्देशों का उल्लंघन है। बिना सहमति के प्रीपेड मोड में बदल दिए गए मीटरों को तुरंत पोस्टपेड मोड में वापस करना चाहिए।
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