मां वैष्णो देवी की प्राचीन गुफा के दर्शन अब दिन-रात, भक्तों में उत्साह
संवाद सहयोगी, कटड़ा। पवित्र व प्राचीन गुफा में प्रवेश कर मां वैष्णो देवी के दिव्य दर्शन कर श्रद्धालुओं के चेहरे पर खुशी झलक रही है, क्योंकि श्रद्धालुओं को दिन के साथ ही रात्रि में भी प्राचीन गुफा में प्रवेश करने का सौभाग्य मिल रहा है। बीती मंगलवार देर रात्रि 10:30 बजे से 12:30 बजे तक जबकि बुधवार को सुबह 10:15 बजे से 12 बजे तक श्रद्धालुओं को मां वैष्णो देवी प्राचीन गुफा में प्रवेश करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
इस दौरान सैकड़ो श्रद्धालुओं ने प्राचीन गुफा में प्रवेश कर मां वैष्णो देवी के दिव्य दर्शन कर परिवार की सुख शांति की कामना की। इस दिव्य भव्य पल को लेकर श्रद्धालु श्रद्धा से मां के चरणों में नमन होते रहें। ऐसा हो भी क्यों ना क्योंकि श्रद्धालुओं के श्रद्धा को लेकर सपना जो पूरा हो रहा है, जिसकी आस श्रद्धालु जीवन भर लगाए बैठे हैं।
श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने पवित्र मकर संक्रांति पर विधिवत पूजा अर्चना कर स्वर्ण जड़ित पवित्र व प्राचीन गुफा के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए। वहीं, अधिक भीड़ बढ़ जाने के चलते पवित्र गुफा को सीमित समय के लिए ही खुला रखना पड़ा। हालांकि, गुफा बंद होने तक बड़ी संख्या में श्रद्धालु इंतजार कर रहे थे पर उन्हें मायूसी हाथ लगी।
बावजूद इसके अन्य श्रद्धालु मां के जयकारे लगाते हुए कृत्रिम गुफाओं की ओर निरंतर बढ़ते रहे और मां वैष्णो देवी के चरणों में हाजिरी लगाते रहे। बता दें कि पवित्र मकर संक्रांत पर श्रद्धालुओं के लिए खोली गई प्राचीन गुफा आगामी मार्च माह के प्रथम पखवाड़े तक खुली रहने की पूरी संभावना है क्योंकि इन दिनों के दौरान अक्सर मां वैष्णो देवी की यात्रा का आंकड़ा कम रहता है।
श्राइन बोर्ड की पूरी कोशिश है कि अधिक से अधिक श्रद्धालु प्राचीन गुफा के दर्शन कर सके, जिसको लेकर दिन के साथ ही रात्रि के समय भी श्रद्धालुओं को प्राचीन गुफा के दर्शन उपलब्ध हो रहें है। बीते 20 जनवरी को 18200 श्रद्धालुओं ने मां वैष्णो देवी के चरणों में नमन किया था तो वही 21 जनवरी यानी कि बुधवार बाद दोपहर 3:00 बजे तक करीब 13500 श्रद्धालु पंजीकरण करवा कर मां वैष्णो देवी भवन की ओर रवाना हो चुके थे।
जारी कड़ाके की सर्दी के बावजूद बुधवार को भी दिनभर मौसम साफ रहा और श्रद्धालुओं को सभी तरंह की सुविधाएं प्राप्त हुई इनमें हेलीकॉप्टर सेवा, बैटरी कार सेवा, रोपवे केवल कार सेवा जैसी सुविधाएं प्रमुख हैं। इसके साथ ही श्रद्धालु घोड़ा, पिट्ठू तथा पालकी आदि का सहारा लेकर अपनी मां वैष्णो देवी की यात्रा करते नजर आए। |
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