किराड़ी क्षेत्र की शर्मा कॉलोनी में गंदे पानी से लबालब गली में लांग बूट पहनकर स्कूल से घर लौटते हुए छात्रा। दीपक
दीपक, बाहरी दिल्ली। बाहरी दिल्ली में लगभग 35 साल पहले बसी किराड़ी की शर्मा कॉलोनी की गंदे पानी से भरी गलियों को देखकर लगता ही नहीं कि यह देश की राजधानी का हिस्सा है। कीचड़-गंदगी से बजबजा रही गलियों से निकलकर बच्चे पढ़ाई के लिए जाने को विवश हैं।
आपको जानकर आश्चर्य होगा कि इस कालोनी में बड़ी संख्या में महिलाएं महीनेभर से अपने घर से बाहर नहीं निकल पाईं हैं, छोटे बच्चों का स्कूल व खेलना छूट गया है। गंदे पानी में खतरनाक जीव की मौजूदगी व चर्म रोग की चपेट में आने की आशंका के चलते लोग छोटे बच्चों को घर से बाहर नहीं जाने दे रहे हैं।
बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, यह सोच कर कुछ अभिभावक अपने मकान पर ताला लगाकर किराए के मकान में अन्यत्र शिफ्ट हो गए हैं। जिन लोगों के पास लांग बूट नहीं हैं, उनका घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। जल जमाव के कारण पांच हजार से ज्यादा की आबादी अपने घरों में \“\“कैद\“\“ हो गई है।
शर्मा कॉलोनी में गंदे पानी से भरी गली से अपने अभिभावक के साथ गुजरते हुए एक छात्रा। जागरण
दैनिक जागरण में 16 जनवरी को समाचार छपने के बाद प्रशासन ने शर्मा कालोनी की मुख्य गली (नगर निगम स्कूल रोड) में लैंडफिल साइट का कचरा डालकर बस्ती की ओर आने वाले पानी को तो रोक दिया है, लेकिन शर्मा कालोनी की 25 गलियों में अब भी स्थिति भयावह बने हुए हैं। इन गलियों में ज्यादातर में अब भी एक से लेकर दाे फीट तक पानी जमा है।
कॉलोनी के पास खुले मैदान में लैंडफिल साइट का कचरा डालने से पिछले तीन महीने से पानी बस्ती में आ रहा है, लेकिन पखवाड़ेभर से समस्या ने विकराल रूप ले लिया। लगभग 30 में से 25 गलियां गंदे पानी से बजबजा रही हैं। नतीजतन, लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हैं। आवाजाही के लिए लोगों ने लांग बूट खरीदने पड़े। प्रशासन की उदासीनता के कारण अब लोगों ने अपने पैसों से अपने-अपने घरों के बाहर मलबा डलवाना शुरू कर दिया है।
किराड़ी क्षेत्र की शर्मा कॉलोनी में मकान में जमा दो फीट पानी। जागरण
शर्मा कालोनी में रहने वाले जसविंद्र ने बताया कि जलभराव के चलते पिछले सप्ताह अपने घर पर ताला लगाकर इंद्र इन्क्लेव में इसलिए शिफ्ट होना पड़ा कि मकान व गली में जलभराव के कारण दसवीं में पढ़ने वाली उनकी बेटी की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। अपना मकान छोड़ कर इंद्र इन्क्लेव में 5500 रुपये मासिक किराये पर मकान लेना पड़ा।
बब्लू ने बताया कि एलकेजी व नर्सरी कक्षा में उनके दोनों बच्चे पढ़ते हैं। गली में दो फीट पानी जमा है। पानी में सांप नजर आने के बाद उन्होंने बच्चों को स्कूल भेजना बंद कर दिया। गृहिणी सरोज ने बताया कि घर के बाहर मलबे डालने के बाद दुर्गंध बढ़ गई है।
लोगों का कहना है कि जलभराव की समस्या की वजह से पिछले एक-डेढ़ साल के दौरान तीन सौ से ज्यादा लोग पलायन कर चुके हैं। 70-80 प्रतिशत मकानों में सीलन आ चुकी है।
1990 में बसी थी कॉलोनी
वर्ष 1990 में खेती की जमीन कालोनी स्थापित हुई। धीरे-धीरे लोगों बसना भी प्रारंभ हो गया। मकानों के निर्माण में उपयोग के लिए लोग कालोनी के साथ ही खाली मैदान से मिट्टी खोदने लगे। ऐसे में यहां गहरा गड्ढा बना गया। दूसरी ओर क्षेत्र में सड़कों के निर्माण व अन्य विकास कार्यों की वजह से कालोनी व मकानाें का लेवल नीचा हो गया। कॉलोनी की जल निकासी व्यवस्था पंगु हो गई।
गड्ढों में जमा वर्षा के पानी से जूझ रहे किराड़ी क्षेत्र के लोगों को राहत देने के लिए प्रशासन ने लैंडफिल साइट का शोधित कचरा डलवाना शुरू कर दिया। जहां जलजमाव कम था, वहां तो इतनी समस्या पैदा नहीं हुई, लेकिन जहां पानी ज्यादा जमा था, वहां कचरा डालते ही पानी घरों व गलियां में भर गया। शर्मा कालोनी में भी ऐसा ही हुआ।
आज तक मैंने इतने बुरे हालात कभी नहीं देखें। कालोनी की गलियों से लेकर घरों तक पानी ही पानी है। पिछले कई दिनों से हमारे यहां बच्चे घरों से निकल भी नहीं पा रहे। - अरुण सिंह, शर्मा कॉलोनी
यहाँ जलभराव की वजह से बुजुर्ग लोगों लंबे समय से घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे। नेताओं और प्रशासन ने हमें अनदेखा किया हुआ है। ऐसी स्थिति में भी कोई हमारी मदद नहीं कर रहा है। यहां नरक से भी बुरा हाल हो चुका है। - मक्खन लाल, शर्मा कॉलोनी
यह भी पढ़ें- अब AIIMS समेत दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में तीमारदारों को मिलेगी खास सुविधा, कोर्ट ने दिया था निर्देश
मेरी बेटी 10वीं कक्षा में पढ़ती है। सुबह यहां से गलियों से गुजरते हुए स्कूल जा रही थी। लेकिन इस पानी की वजह से अचानक से गिर गई। कालोनी की इस हालत की वजह से बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे और पढ़ाई भी नहीं कर पा रहे। - विमल देवी, शर्मा कॉलोनी
पानी की ऊपर यह गंदगी और बदबूदार मलबा डाला गया है। जिसने लोगों की आफत और ज्यादा बढ़ा दी है। बदबू और मच्छर के कारण घर से बाहर निकलना तक दुश्वार हो चुका है। यहां कालोनी में एक बुर्जुग महिला के घर में पानी भरा है। जिसकी वजह से वह खुले आसमान में दिन बिताने को मजबूर है। - सरोज |
|