हिमाचल प्रदेश में सीबीएसई स्कूलों की निगरानी के लिए मानीटरिंग सेल बनेगा। प्रतीकात्मक फोटो
अनिल ठाकुर, शिमला। हिमाचल प्रदेश में 130 सरकारी स्कूलों को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से संबद्धता मिल गई है। इन स्कूलों की निगरानी के लिए स्कूल शिक्षा निदेशालय में मानीटरिंग सेल बनाया जाएगा। इसे एजुट्रेक-360 डिग्री नाम दिया गया है। सीबीएसई मानकों के अनुसार इन स्कूलों में क्या कमी है इसकी समीक्षा हर माह की जाएगी। इसकी रिपोर्ट सरकार को भेजी जाएगी, जिससे इसमें सुधार किया जा सके।
सीबीएसई संबद्धता के लिए फीस का स्ट्रक्चर अभी तय नहीं किया गया है। इसकी अलग से समीक्षा कर फीस स्ट्रक्चर तय किया जाएगा। माना जा रहा है कि मौजूदा समय में सरकारी स्कूलों में जो फीस स्ट्रक्चर है वही या फिर न्यूनतम फीस तय की जाएगी, जिससे अभिभावकों पर ज्यादा भार न पड़े।
शिक्षक का कोई भी पद रिक्त नहीं होगा
इन स्कूलों में शिक्षक का कोई भी पद रिक्त नहीं होगा, बल्कि नए व्यावसायिक व प्रोफेशनल विषय भी बच्चों के लिए शुरू होंगे। इसमें पर्यावरण, रोबोटिक कोडिंग जैसे विषय शुरू होंगे।
भवन का अलग रंग व ड्रेस कोड लागू होग
इन स्कूलों के भवन का रंग अलग होगा। यह सरकारी स्कूलों से अलग नजर आएंगे। इनका प्रतीक चिह्न भी होगा। यह कैसा होगा इसका प्रस्ताव स्कूलों से निदेशालय को भेजा जाएगा। निदेशालय आला अधिकारियों से चर्चा कर इस पर अंतिम निर्णय देगा।
विद्यार्थियों के अलावा शिक्षकों के लिए भी ड्रेस कोड लागू होगा। सरकार ने सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को भी ऐच्छिक ड्रेस कोड लागू करने के निर्देश दिए थे।
छात्र शिक्षक अनुपात के अनुसार होगी नियुक्ति
हर स्कूल में शिक्षकों की नियुक्ति छात्र शिक्षक अनुपात के अनुसार होगी। प्रवक्ता को कक्षा 9वीं से 12वीं कक्षा तक पढ़ाने की जिम्मेदारी दी जाएगी। यदि शिक्षक नहीं है तो प्रधानाचार्य वैकल्पिक व्यवस्था के अनुसार उन्हें पहली से 12वीं कक्षा तक पढ़ाने की जिम्मेदारी दे सकेगा। नया सत्र शुरू होने से पहले स्टाफ की समीक्षा होगी। किस स्कूल में कितने पद खाली हैं उनके अनुसार नई नियुक्ति की जाएगी।
नर्सरी से 12वीं कक्षा तक 72 शिक्षक होंगे नियुक्त
विभाग ने जो नियम बनाया है उसके अनुसार बच्चों की संख्या के अनुसार सेक्शन बनाए जाएंगे। नर्सरी से पांचवीं कक्षा तक 30 बच्चों पर एक शिक्षक तैनात होगा। यदि इससे ज्यादा संख्या है तो दो सेक्शन बनाने पड़ेंगे। बाल वाटिका-1, बाल वाटिका-2 व बाल वाटिका-3 कक्षाओं के लिए छह एनटीटी नियुक्त होंगे। इसी तरह पहली से पांचवीं कक्षा तक भी यही नियम होगा और 11 जेबीटी शिक्षक नियुक्त होंगे। कक्षा छह से आठ तक 1:35 शिक्षक छात्र अनुपात है। 35 बच्चों का सेक्शन होगा और एक शिक्षक होगा। टीजीटी, एलटी, शास्त्री व डीएम के कुल 13 पद सृजित होंगे। 10वीं तक भी यही व्यवस्था होगी। नर्सरी से 12वीं कक्षा तक कुल 72 शिक्षक नियुक्त होंगे।
23 जनवरी को शिक्षा मंत्री रोहित ने बुलाई बैठक
23 जनवरी को राज्य सचिवालय में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में इसको लेकर अहम बैठक आयोजित होने जा रही है। बैठक में सचिव शिक्षा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहेंगे। सीबीएसई स्कूलों का संचालन कैसे करना है, परीक्षा कब व कैसे करवानी है, गैर शिक्षकों का चयन कैसे होगा इस पर निर्णय लिया जाएगा।
यह भी पढ़ें: हिमाचल में CBSE स्कूलों के लिए नियम व गाइडलाइन तय, शिक्षकों की होगी चयन परीक्षा; अतिरिक्त मानदेय भी मिलेगा |
|