प्रतीकात्मक तस्वीर
जागरण संवाददाता, सुपौल। अब जमीन से संबंधित कागजात और अभिलेखों के लिए लोगों को कार्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। अब ये सभी अभिलेख व कागजात भू स्वामी को डिजिटल हस्तारक्षित कापी ही मिलेगी। यह भू अभिलेख पोर्टल के माध्यम से निर्गत की जाएगी जो सत्यापित कापी के रूप में विधिमान्य होगी। राजस्व अभिलेखों की सत्यापित कापी निर्गत करने की भौतिक प्रणाली को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने समाप्त कर दिया है।
विभागीय सचिव ने आदेश जारी करते हुए नई व्यवस्था से सुपौल समेत सभी जिले के समाहर्ता को अवगत कराया है। पहले इसके लिए आवेदकों को राजस्व अभिलेख प्राप्त कापी प्राप्त करने के लिए रसीद प्राप्त करना होता था। इसके लिए अपना नाम, पता समेत पूरा ब्यौरा भरकर देना होता था। इसमें मामूली शुल्क भी देना होता था। इसके बाद आवेदक को स्वयं उपस्थित होना पड़ता था। तब उन्हें अभिलेख मिलता था।
इस परेशानी से भू स्वामियों को बचाने के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है। अब उन्हें कार्यालय का बार-बार चक्कर काटने के झंझट से छुटकारा मिल जाएगा। यह डिजिटल कापी बैंक, कोर्ट व अन्य सभी जगह पर मान्य होगी। भू स्वामी इसे भू अभिलेख पोर्टल से आवेदन कर प्राप्त कर सकते हैं। भूमि से संबंधित जमाबंदी, खतियान, खेसरा, दाखिल खारिज समेत अन्य कागजात भी प्राप्त किया जा सकता है। अगर कोई अभिलेख आनलाइन उपलब्ध नहीं है तो भू स्वामी इसकी मांग भी कर सकते हैं जिसे शीघ्र उपलब्ध कराया जाना है।
सोमवार व शुक्रवार को जनता की शिकायतें सुनेंगे राजस्व अधिकारी राजस्व प्रशासन को अधिक संवेदनशील, पारदर्शी और जनहितकारी बनाने की दिशा में एक अहम पहल हुई है। अब सभी राजस्व प्रशासन से जुड़े पदाधिकारी प्रत्येक सप्ताह दो दिन, सोमवार और शुक्रवार को अनिवार्य रूप से कार्यालय में उपस्थित रहकर आम जनता की शिकायतें सुनेंगे। इससे नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक भटकाव से राहत मिलेगी और त्वरित निष्पादन संभव होगा। आदेश में जिले के सभी राजस्व कार्यालयों में आम नागरिकों के साथ सम्मानजनक और सभ्य व्यवहार अनिवार्य होगा। अधिकारियों और कर्मियों को निर्देश दिया गया है कि वे जनसेवा को प्राथमिक कर्तव्य मानते हुए संवेदनशीलता और उत्तरदायित्व के साथ कार्य करें। इसके अलावा सभी राजस्व कार्यालयों में मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। पेयजल, शौचालय जैसी आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। आम नागरिकों से प्राप्त शिकायतों का डिजिटल संधारण किया जाएगा।इससे उनकी निगरानी और निष्पादन एक सुदृढ़ प्रणाली के माध्यम से हो सके। सरकार के इस फैसले को आम जनता के लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है। इससे न केवल प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ेगी, बल्कि जनता और प्रशासन के बीच विश्वास भी मजबूत होगा। |
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