नाेएडा एयरपोर्ट के पास चीन के जैसा बाजार बनाने की तैयारी। जागरण
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट नजदीक चीन के जियांग प्रांत के यिवू इंटरनेशनल बिजनेस सेंटर की तर्ज पर इंटरनेशनल बिजनेस एवं ट्रेड सेंटर विकसित किया जाएगा। ई एंड वाई को सलाहकार एजेंसी नियुक्त किया गया है।
एजेंसी चीन के यिवू बिजनेस सेंटर के माॅडल का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट देगी। इंटरनेशनल बिजनेस एवं ट्रेड सेंटर में देश भर के उत्पादों का होलसेल बाजार उपलब्ध होगा। विदेशी कारोबारी एयरपोर्ट पर उतर कर उत्पाद की खरीदारी कर सकेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यीडा सीईओ को इसकी संभावनाएं तलाशने के लिए निर्देश दिए थे।
प्रदेश सरकार यूपी के उत्पादों का वैश्विक बाजार में स्थापित करने के लिए हर साल यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो आयोजित कर रही है। प्रदेश के हर जिले में एक जिला एक उत्पाद के जरिये कुटीर उद्योगों को पुनर्जीवित किया जा रहा है।
जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के जरिये प्रदेश के साथ देश भर के उत्पादों को वैश्विक बाजार मिल सके। इसके लिए इंटरनेशनल बिजनेस एंड ट्रेड सेंटर के विकास की योजना तैयार की गई है।
यीडा सीईओ राकेश कुमार सिंह का कहना है कि एक छत के नीचे भारतीय उत्पादों को होलसेल बाजार उपलब्ध कराने की योजना है। एयरपोर्ट पर आने वाले विदेश कारोबारी प्रदेश के विभिन्न जिलों, देश के विभिन्न प्रांतों में उत्पाद की तलाश करने के बजाए सीधे इस सेंटर पर जाकर अपनी मांग के अनुसार खरीदारी कर सकेंगे। यहीं से उनका खरीदा हुआ माल कंटेनर से सीधे विदेश पहुंच जाएगा।
सलाहकार एजेंसी को इंटरनेशनल बिजनेस एवं ट्रेड सेंटर फाइनेंशियल माडल के अलावा चीन में यिवू बिजनेस सेंटर का अध्ययन कर अपने सुझाव देने के निर्देश दिए गए हैं। प्राधिकरण के पास नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नजदीक सेक्टर 28, 29, 30, 31, 30ए में काफी कामर्शियल श्रेणी की जमीन है।
यीडा के औद्योगिक पार्कों को भी मिलेगा बड़ा बाजार
यीडा क्षेत्र में विकसित होने वाले औद्योगिक पार्कों को भी इंटरनेशनल बिजनेस एंड ट्रेड सेंटर के जरिये बड़ा बाजार मिलेगा। यीडा क्षेत्र में मौजूदा समय में पांच औद्योगिक पार्क विकसित हो रहे हैं।
इसमें अपैरल, टाय, एमएसएमई, मेडिकल डिवाइस पार्क, हैंडीक्राफ्ट पार्क शामिल हैं। इसके अलावा प्राधिकरण की योजना भविष्य में प्लास्टिक, ईवी, फर्नीचर समेत अन्य औद्योगिक पार्क विकसित करने की भ्ज्ञी है। इसके अलावा इलेक्ट्राॅनिक्स, सेमीकंडक्टर उद्योग भी विकसित हो रहे हैं।
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