नकली दवाइयां
पीयूष दुबे, जागरण, पीलीभीत। हाईस्कूल पास झोलाछाप ने यू-ट्यूब देखकर न सिर्फ कफ सिरप बनाए बल्कि नौ से 10 हजार कफ सिरप की बिक्री भी कर डाले। वह दो वर्षों से कफ सिरप को बनाने के साथ ही तीन मेडिकल स्टोर और नशेड़ियों को सप्लाई कर रहा था, लेकिन औषधि प्रशासन विभाग को इसकी हवा तक नहीं लगी। हैरानी यह कि उस क्षेत्र के मेडिकल स्टोरों पर भी उसके घर में बनाए गए नकली कफ सिरप बिक्री किये जा रहे थे।
इसके बावजूद उस पर कार्रवाई होनाा तो दूर विभागीय अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। इसी तरह झोलाछाप आरोपित 18 वर्षों से अवैध रूप से क्लीनिक चला रहा था, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भनक तक नहीं लगी। झोलाछाप के कांड ने स्वास्थ्य और औषधि प्रशासन विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिये।
मिलावटी व नकली दवाइयों को लेकर शासन बेहद सख्ती बरत रहा है। यही वजह है कि नकली कफ सिरप मामले की जांच एसटीएफ कर रही है। ऐसे में जिले में नकली कफ सिरप की फैक्ट्री का पकड़ा जाने पर औषधि विभाग के अधिकारियों की लापरवाही की ओर इंगित करते हैं। पूरनपुर क्षेत्र के गांव लाह का निवासी सुरेश कुमार को पुलिस ने घर में नकली कफ सिरप बनाने के मामले में पकड़ा।
इससे पहले वह करीब 18 वर्षाें से शाहजहांपुर के खुटार और घुंघचाई थाना क्षेत्र में अवैध रूप से क्लीनिक चला रहा था। हैरानी यह है कि स्वास्थ्य विभाग का पूरा अमला होने के बावजूद ऐसे झोलाछाप क्लीनिक पर रोक नहीं लग पाई। इस तरह के क्लीनिक संचालित होने पर स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
आरोपित नकली कफ सिरप में कुछ मात्रा में असली सिरप व स्प्रिट मिलाता था, जिससे कि उसका स्वाद असली जैसा हो जाए। नकली कफ सिरप की मांग नशेड़ियों में अधिक रहती थी। यही वजह है कि वह बड़ी संख्या में नकली कफ सिरप बनाने लगा था, जिसे पुलिस ने पकड़ लिया।
इन कफ सिरप की पेटियों को साई मेडिकल स्टोर पूरनपुर, गिरिराज मेडिकल स्टोर पूरनपुर और उमापति मंडल को बेचता था। सीओ पूरनपुर प्रतीक दहिया, इंस्पेक्टर जयशंकर सिंह, एसआइ विजयवीर सिंह, एसआइ महेंद्र सिंह, हेड कांस्टेबल चंद्रपाल सिंह, कांस्टेबल शोभित कुमार, डब्बू बैसोया मौजूद रहे।
पुलिस की देने के बावजूद दिन पहुंची औषधि निरीक्षक
घुंघचाई थाना पुलिस ने नकली कफ सिरप बनाने की फैक्ट्री पकड़ने की सूचना मोबाइल से सोमवार को दी, लेकिन औषधि निरीक्षक नेहा वैश्य मंगलवार को पूरनपुर क्षेत्र में पहुंचीं। उन्होंने वहां पर मेडिकल स्टोरों पर पुलिस के साथ जांच की। इस मामले में डीएम ने औषधि निरीक्षक को स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं।
मेडिकल स्टोर संचालकों पर भी होगी कार्रवाई, दवा लेते समय बरतें सावधानी
अगर आप भी दवा लेने जा रहे हैं तो दवा लेते समय बारकोड व विश्वसनीयता की जांच कर लें। मेडिकल स्टोर संचालक बिना बिल के दवाइयां न खरीदें। अभियुक्त की ओर से बताए गए मेडिकल स्टोरों और नशेड़ियों के संबंध में आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है। ऐसे में जिन मेडिकल स्टोर संचालकों का नाम लिया गया, उनको भी इसमें शामिल किया जा सकता है।
कफ सिरप और नकली, मिलावटी दवाइयों को लेकर शासन बेहद सख्त है। नकली दवा बिक्री करने, बनाने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई करने में लापरवाह कर्मचारियों के विरुद्ध शासन को लिखा जाएगा।
- संदीप कुमार, सहायक निदेशक औषधि, बरेली मंडल
पुलिस ने नकली कफ सिरप बनाने की फैक्ट्री को पकड़ा है। इस मामले में लापरवाही बरतने पर औषधि निरीक्षक से स्पष्टीकरण तलब किया गया। स्पष्टीकरण के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
- ज्ञानेंद्र सिंह, डीएम
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