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Rishikesh AIIMS में मशीन व दवा खरीद घोटाला, CBI ने संस्थान के पूर्व निदेशक प्रो. रविकांत को भी बनाया आरोपित

Chikheang 2026-1-20 22:56:34 views 1250
  

एम्स ऋषिकेश में स्वीपिंग मशीन व दवा खरीद घोटाले का मामला।  



जागरण संवाददाता, देहरादून। एम्स ऋषिकेश में स्वीपिंग मशीन व दवा खरीद के घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ) ने संस्थान के पूर्व निदेशक प्रो. रविकांत और बिचौलिए महेंद्र सिंह उर्फ नन्हे को भी आरोपित बनाया है।

इनके खिलाफ पूरक आरोपपत्र भी दाखिल किया गया है। गत सितंबर में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।

सीबीआइ की जांच में सामने आया कि वर्ष 2022 में एम्स में रोड स्वीपिंग मशीन और केमिस्ट स्टोर के आवंटन के दौरान टेंडर प्रक्रिया की अनदेखी करते हुए करीब साढ़े चार करोड़ का घोटाला हुआ।

स्वीपिंग मशीन के लिए चार कंपनियों ने टेंडर डाले थे, जिनमें प्रतिष्ठित यूरेका फोर्ब्स भी शामिल थी। इसके बावजूद अधिकारियों ने तकनीकी आधार पर यूरेका फोर्ब्स को बाहर कर दिया और नियम पूरे न करने वाली प्रोमेडिक डिवाइस को टेंडर दे दिया।

टेंडर शर्तों में मशीन के तीन माह से अधिक पुरानी न होने का प्रविधान था, लेकिन एम्स को जो मशीन आई, वह पहले से इस्तेमाल की जा चुकी थी।

इस सौदे में मैसर्स नियो मीडिया कंपनी के प्रतिनिधि महेंद्र सिंह उर्फ नन्हे ने बिचौलिये की भूमिका निभाई, जिसके बदले उसे पांच लाख रुपये दिए गए। तत्कालीन निदेशक प्रो. रविकांत ने भी टेंडर को मंजूरी की संस्तुति कर दी।

इस घोटाले में सीबीआइ पहले ही माइक्रोबायोलाजी विभाग के तत्कालीन प्रोफेसर बलराम जी ओमर, एनाटामी विभाग के तत्कालीन प्रोफेसर बृजेंद्र सिंह समेत तत्कालीन सहायक प्रोफेसर अनुभा अग्रवाल, प्रशासनिक अधिकारी शशिकांत व लेखाधिकारी दीपक जोशी को आरोपित बना चुकी है।

  • मेडिकल स्टोर के आवंटन में त्रिवेणी सेवा फार्मेसी के मालिक को भी आरोपित बनाया गया है।

यह था मामला

वर्ष 2022 में एम्स ऋषिकेश में मशीनों की खरीद और मेडिकल स्टोर आवंटन में अनियमितताओं की शिकायत पर सीबीआइ ने तीन फरवरी से सात फरवरी तक छापेमारी की थी।

इसके बाद 22 अप्रैल 2022 को दोबारा जांच में दस्तावेज खंगालने के बाद स्वीपिंग मशीन खरीद और मेडिकल स्टोर आवंटन में 4.41 करोड़ रुपये के घोटाले का पर्दाफाश हुआ था।

अब सप्लीमेंट्री चार्जशीट से यह स्पष्ट हो गया है कि घोटाले की कड़ियां निचले स्तर से लेकर शीर्ष तक जुड़ी हुई थीं।

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