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जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। तुर्कमान गेट स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान हुई पत्थरबाजी की घटना के आरोपित उबेदुल्ला को तीस हजारी की सत्र अदालत ने जमानत दे दी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जोगिंदर प्रकाश नाहर ने वेंडर उबेदुल्ला को 25,000 रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के एक जमानतदार पर जमानत दे दी।
अभियोजन पक्ष ने मुख्य रूप से सीसीटीवी फुटेज और एक सह-आरोपित के बयान पर भरोसा जताते हुए आरोप लगाया कि उबेदुल्ला हिंसक भीड़ का हिस्सा था और उसने पुलिस पर पत्थरबाजी की और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया।
आरोपित के वकील एम.के. मलिक और ए.एफ. फैजी ने जोर दिया कि एफआईआर में कई अन्य व्यक्तियों के नाम हैं, लेकिन उबेदुल्ला का नाम नहीं है, और उसके खिलाफ पूरा मामला एक गवाह की पहचान पर आधारित अनावश्यक जांच पर आधारित है।
आरोपित को राहत देते हुए अदालत ने नोट किया कि अभियुक्त दिल्ली के तुर्कमान गेट का निवासी है और उसका निवास स्थान घटना स्थल से मात्र 50 मीटर की दूरी पर है और उसने इस मामले में कोई अपराध नहीं किया है।
अदालत ने गौर किया कि आरोपित अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य है और अपने लकवाग्रस्त पिता की देखभाल करता है। यह भी गौर किया गया कि आरोपित का कोई पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।
अदालत ने उबेदुल्लाह को जमानत देते हुए निर्देश दिया कि वह जांच में सहयोग करेगा और बुलाए जाने पर अदालत के समक्ष पेश होगा। कोर्ट ने कहा कि वह सुबूतों से छेड़छाड़ नहीं करेगा और किसी भी गवाह को प्रभावित करने का प्रयास नहीं करेगा।
तुर्कमान गेट के पास हुई हिंसा के सिलसिले में अब तक 18 आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है। 14 जनवरी को एक मजिस्ट्रेट अदालत ने पांच आरोपितों की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। |
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