search
 Forgot password?
 Register now
search

CBSE स्कूलों में एडमिशन नियम तय, अंग्रेजी-गणित के 800 शिक्षकों की होगी भर्ती; हिमाचल सरकार ने जारी की गाइडलाइन

Chikheang Yesterday 21:26 views 110
  

CBSE स्कूलों में एडमिशन तय हुए नियम (फाइल फोटो)



जागरण संवाददाता, शिमला। हिमाचल के 130 सरकारी स्कूल केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से संबद्ध होंगे। राज्य सरकार ने इन स्कूलों की सूची और गाइडलाइन जारी कर दी है। सीबीएसई स्कूलों में बाल वाटिका यानी प्री-नर्सरी से पहली कक्षा तक दाखिला “पहले आओ पहले पाओ“ के आधार पर मिलेगा।

एडमिशन के दौरान पहली से 5वीं कक्षा तक मौखिक टेस्ट लिया जाएगा, जिसमें पिछली कक्षा में जो पढ़ाई की है, उससे संबंधित सवाल पूछे जाएंगे। वहीं, छठी से 10वीं कक्षा तक प्रवेश परीक्षा आयोजित होंगी। 11वीं व 12वीं में जरूरत के अनुसार प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी। स्कूल शिक्षा निदेशालय की ओर से मंगलवार को इस संबंध में विस्तृत गाइडलाइन जारी कर दी है।

गाइडलाइन के अनुसार, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, विशेष आवश्यकता वाले बच्चे, अनाथ और एकल बालिका को दाखिले में प्राथमिकता दी जाएगी। पहली कक्षा से 11वीं तक लेटरल एंट्री कैसे होगी, इसके लिए भी नियम तय किए गए हैं। उपलब्ध सीटों के अधीन, संस्थान प्रमुख निदेशक स्कूल शिक्षा की स्वीकृति से दाखिला दे सकेंगे।

स्कूलों में शिक्षक व विद्यार्थी दोनों के लिए ड्रेस कोड लागू होगा। सरकार की मंजूरी के बाद ड्रेस के रंग संयोजन और स्कूलों के लोगो को भी मंजूरी दी जा सकेगी।
हर छात्र का डिजिटल अकादमिक पोर्टफोलियो

प्रत्येक विद्यार्थी को अपना डिजिटल अकादमिक पोर्टफोलियो बनाए रखना अनिवार्य होगा। स्कूल हर वर्ष वार्षिक प्रदर्शन रिपोर्ट प्रकाशित करेंगे, जिसमें शैक्षणिक उपलब्धियां, बोर्ड परीक्षा परिणाम, सह-शैक्षणिक गतिविधियां और विद्यालय विकास संकेतक शामिल होंगे।
स्कूलों की होगी वार्षिक रैंकिंग

शिक्षा निदेशालय द्वारा सीबीएसई संबद्ध स्कूलों की वार्षिक रैंकिंग की जाएगी। यह छात्र उपस्थिति से लेकर आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मकता में सुधार शिक्षकों का प्रशिक्षण पूर्णता स्तर, कक्षा निरीक्षण स्कोर, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा अनुपालन, आइसीटी का उपयोग, अभिभावकों की प्रतिक्रिया सह-पाठ्यक्रम सहभागिता, छात्रों के सीखने के परिणाम शामिल होंगे। त्रैमासिक प्रदर्शन ट्रैकिंग और वार्षिक स्कूल समीक्षा अनिवार्य होगी।
छात्र कल्याण एवं सहायता केंद्र की स्थापना

प्रत्येक सीबीएसई सरकारी स्कूल में छात्र कल्याण एवं सहायता केंद्र स्थापित किया जाएगा। इसके तहत काउंसलिंग, करियर मार्गदर्शन, रिमेडियल कक्षाएं, ब्रिज कोर्स तथा कमजोर और वंचित बच्चों के लिए मनो-सामाजिक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। छात्रों के शैक्षणिक और प्रेरणात्मक विकास के लिए स्कूलों को इसरो, आईआईटी, आईआईएम, एआईएमएस, सेंट स्टीफन कॉलेज, कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय सहित अन्य प्रतिष्ठित राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थानों से जोड़ा जाएगा।

“एक भारत श्रेष्ठ भारत” पहल के तहत सांस्कृतिक आदान-प्रदान और सामुदायिक शिक्षण गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाएगा। स्कूल प्रबंधन समिति, अभिभावक, पूर्व छात्र, पंचायती राज संस्थाएं, स्वयंसेवी संगठन और स्थानीय समुदाय को स्कूल गतिविधियों में शामिल किया जाएगा।
संगीत और मनोविज्ञान जैसे विषय भी पढेंगे छात्र

सरकारी सीबीएसई स्कूलों में विद्यार्थी संगीत, मनोविज्ञान जैसे विषय भी पढेंगे। सरकार ने 100 स्कूलों के लिए 560 पद सृजित कर दिए हैं। हालांकि, सरकार ने इसका दायरा 100 से बढ़ाकर 130 किया है, लेकिन अभी पद 100 के अनुसार ही सृजित किए गए हैं। शिक्षा विभाग के अनुसार, पूर्व चयनित 100 स्कूलों में 560 शिक्षकों की तैनाती से मूल कैडर में उत्पन्न रिक्तियां जाब ट्रेनी के माध्यम से प्रत्यक्ष भर्ती से भरी जाएंगी।

मनोविज्ञान के 97, फाइन आर्ट्स के 93, संगीत एवं वाद्य के 76, समाजशास्त्र के 77, अंग्रेजी के 69, संस्कृत के 64, भूगोल के 51 पद शामिल हैं। इसके अलावा शारीरिक शिक्षा अध्यापक (डीपीई) के 24 पद भी सृजित किए गए हैं। नए स्वीकृत 30 अतिरिक्त स्कूलों में मानकों के अनुसार और शिक्षकीय पद सृजित किए जाएंगे। इन पदों की संख्या का आकलन कर विभाग अलग से अधिसूचना जारी करेगा।

सीबीएसई स्कूलों में 130 विशेष शिक्षक (एक-एक प्रति स्कूल) की भर्ती को भी मंजूरी दी है। साथ ही प्रत्येक स्कूल में चौकीदार और स्वीपर के एक-एक पद जाब ट्रेनी के रूप में भरे जाएंगे। योग शिक्षक, काउंसलर-कम वेलनेस शिक्षक, केटरिंग सुपरवाइजर और आया की सेवाएं भी ली जाएंगी। 130 स्कूलों में 390 पार्ट टाइम मल्टी टास्क वर्कर (प्रत्येक स्कूल में तीन) की तैनाती की जाएगी, जो सामान्य पीटी-एमटीडब्ल्यू नीति के तहत होंगे।
अंग्रेजी-गणित के 400-400 शिक्षकों की होंगी नियुक्ति

सीबीएसई संबद्ध स्कूल उत्कृष्टता योजना में राज्य चयन आयोग के माध्यम से 400 अंग्रेजी शिक्षकों और 400 गणित शिक्षकों की नियुक्ति निश्चित मानदेय/समेकित राशि के साथ अस्थायी आधार पर पांच साल की अवधि के लिए और 30,000 के निश्चित मासिक मानदेय पर साल में 10 माह के लिए देय होगा। विभाग इन शिक्षकों की ओर से पढ़ाए जाने वाले एक विशेष पाठ्यक्रम को तैयार करेगा, ताकि अंग्रेजी और गणित में विद्यार्थियों की दक्षता और सीखने के स्तर में सुधार किया जा सके।

यह पाठ्यक्रम इन विषयों के मौजूदा पाठ्यक्रम के अतिरिक्त होगा। विभाग विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार इन 130 स्कूलों में इन शिक्षकों को तैनात कर सकता है और इन शिक्षकों को आवश्यकतानुसार अन्य सरकारी स्कूलों में भी लगाया जा सकता है। इन श्रेणी के शिक्षकों, कर्मियों को आउटसोर्स पर भरा जाएगा योग शिक्षक, परामर्शदाता सह कल्याण शिक्षक, कैटरिंग सुपरवाइजर व आया की सेवाओं को आउटसोर्सिंग के आधार पर (इन 130 स्कूलों में से प्रत्येक में एक) नियुक्त किया जाएगा।
390 अंशकालिक मल्टी टास्क वर्क की होगी नियुक्ति

कार्मिक विभाग की ओर से जारी की जाने वाली सामान्य पीटी-एमटीडब्ल्यू नीति के तहत 390 अंशकालिक मल्टी टास्क वर्क(प्रत्येक 130 स्कूलों में तीन) की नियुक्ति की जाएगी। शिक्षा विभाग आवश्यकता अनुसार इन 130 स्कूलों में विभिन्न श्रेणियों के अतिरिक्त शिक्षण पदों का सृजन कर सकता है, जो इन पदों के अतिरिक्त होंगे।

इन स्कूलों में बनाए गए पदों को हिमाचल प्रदेश में सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों के लिए शिक्षकों के सब काडर बनाने की सब स्कीम के तहत तय प्रक्रिया के अनुसार भरा जाएगा। स्कीम में बताई गई संख्या के अनुसार नान-टीचिंग स्टाफ की जरूरत, यानी क्लर्क/ जेओए आई, सीनियर असिस्टेंट, सुपरिटेंडेंट ग्रेड-1 और 2, विभाग के अंदर पदों के उन्नयन और युक्तीकरण के माध्यम पदों को बनाकर और भरकर पूरी की जाएगी।
\“CBI स्कूलों के लिए परीक्षा से न हो शिक्षकों का चयन\“

राजकीय अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने सरकारी स्कूलों में सीबीएसई पाठ्यक्रम लागू करने के निर्णय का स्वागत करते हुए इन स्कूलों में शिक्षकों का चयन परीक्षा के माध्यम से न करवाने की मांग की है। मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को भेजे पत्र में संघ ने कहा है कि नई व्यवस्था को बिना किसी भ्रम और असंतोष के सफलतापूर्वक लागू करने के लिए सभी हितधारकों के हितों का ध्यान रखा जाना चाहिए।

चौहान ने कहा कि सीबीएसई स्कूलों में तैनाती के लिए योग्य और लंबे समय से सेवाएं दे रहे शिक्षकों की दक्षता जांचने के लिए किसी भी प्रकार की परीक्षा या टेस्ट न लिया जाए। जो शिक्षक पहले से सीबीएसई स्कूलों में कार्यरत हैं, उन्हें कम से कम एक वर्ष का समय दिया जाए, ताकि उनके प्रदर्शन का मूल्यांकन बोर्ड परीक्षा परिणामों के आधार पर किया जा सके।

उन्होंने कहा कि प्रधानाचार्यों और शिक्षकों की कार्यक्षमता का आकलन केवल परीक्षा परिणामों के आधार पर किया जाए तथा सभी रिक्त पदों को 100 प्रतिशत भरा जाए। साथ ही सीबीएसई और हिमाचल बोर्ड के बीच शिक्षकों के स्थानांतरण की सुविधा उनकी इच्छा के अनुसार जारी रखी जाए। संघ अध्यक्ष ने कहा कि बालक और बालिका विद्यालयों का अनावश्यक विलय न किया जाए।
like (0)
ChikheangForum Veteran

Post a reply

loginto write comments
Chikheang

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

0

Posts

1510K

Credits

Forum Veteran

Credits
155075

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com