search

GPS बंद कर चल रही थी बालू ढुलाई; नीतीश सरकार की हाईटेक व्‍यवस्‍था में फंसे 475 वाहन, अब होगा एक्‍शन

Chikheang 2026-1-20 19:56:55 views 584
  

बालू माफिया पर एक्‍शन में नीतीश सरकार। सांकेत‍िक तस्‍वीर  



राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार में बालू माफियाओं के खिलाफ सरकार ने डिजिटल हथियार से बड़ा प्रहार किया है, जिससे पूरे खनन और परिवहन माफिया में हड़कंप है।

नेशनल इन्फार्मेटिक्स सेंटर (NIC) की ताजा रिपोर्ट ने बालू ढुलाई में हो रही डिजिटल चोरी का पर्दाफाश कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश भर में 475 बालू ढोने वाली गाड़‍ियां ऐसी पाई गई हैं, जिन्होंने जानबूझकर अपने वाहनों में लगे जीपीएस (GPS) से छेड़छाड़ की और सरकार को राजस्व का बड़ा नुकसान पहुंचाया है।  

एनआईसी की जानकारी सामने आने के बाद खान एवं भू-तत्व विभाग के निर्देश पर सभी जिला खनन कार्यालयों की ओर से वैसे बालू ढ़ोने वाले वाहन जिन्होंने जीपीएस के साथ छेड़छाड़ की है उनके खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए प्रत्येक वाहन पर 20 हजार से एक-एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाने की तैयारी कर ली है।

ऐसे सभी 475 वाहनों के मालिकों को नोटिस दे दिया है और स्पष्ट कर दिया गया है कि पहले सफाई दो, नहीं तो जुर्माना तय है।

तय समय में भुगतान नहीं करने पर कानूनी कार्रवाई होगी और खनन पोर्टल पर वाहन का निबंधन खत्म कर इसकी जानकारी एनआइसी को दे दी जाएगी।  
ऐसे पकड़ी गई डिजिटल चोरी

जांच में सामने आया है कि बालू लोड कराने और ई-चालान कटवाने के बाद कई वाहन मालिकों ने जीपीएस बंद कर दिया या डेटा भेजना रोक दिया।

इसका मकसद साफ था, गाड़ी कहां जा रही है, किस रूट से बालू ढोया जा रहा है, और इसे कहां उतारा जा रहा है यह जानकारी सामने न आने पाए।

परंतु डिजिटल ट्रैकिंग और एनआइसी की तकनीकी निगरानी ने इस खेल को पूरी तरह बेनकाब कर दिया। खनन विभाग की इस कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया है कि अब बालू का खेल पुराने तरीकों से नहीं चलेगा।

जीपीएस, ई-चालान और डिजिटल माॅनीटरिंग के इस दौर में जरा सी चालाकी भी भारी पड़ेगी। यह कार्रवाई न सिर्फ चेतावनी है, बल्कि साफ ऐलान भी है कि बिहार में अब बालू माफियाओं की डिजिटल चोरी नहीं चलेगी।
like (0)
ChikheangForum Veteran

Post a reply

loginto write comments
Chikheang

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

0

Posts

1610K

Credits

Forum Veteran

Credits
168960