जान जोखिम में डालकर पैदल हाईवे पार करते हुए। जागरण
नंदकिशोर भारद्वाज, सोनीपत। एनएच-44 पर लगातार हो रहे हादसों में पैदल पार करने वाले वाहनों की टक्कर से जान गंवा रहे हैं। दैनिक जागरण लगातार हाईवे के ब्लैक स्पाट पर हो रहे हादसों और उनमें हो रही मौतों को प्रमुखता से उठा रहा है। हाईवे पर रोजाना हो रही मौतों को रोकने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण अब आगे आया है।
प्राधिकरण ने दिल्ली के मुकरबा चौक से लेकर पानीपत तक 55 किलोमीटर के हिस्से में बीच के डिवाइडर पर आठ फुट ऊंची ग्रिल लगाने का प्रस्ताव तैयार किया है, ताकि हाईवे को पैदल पार करने से रोका जा सके आैर उनकी वाहनों से टकराकर मौत न हो। प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही इसका काम शुरू किया जाएगा।
दिल्ली के मुकरबा चौक से लेकर पानीपत तक जीटी रोड पर हाईवे को पैदल पार करने वाले राहगीर हादसों का शिकार हो रहे हैं। दिल्ली, सोनीपत या पानीपत के हिस्से में रोजाना हाईवे को पैदल पार करने वाले कई लोगों की वाहनों की टक्कर से मौत हो जाती है। वर्ष 2025 में जनवरी से दिसंबर तक जिले में कुल 418 लोगों की सड़क हादसों में मौत हो चुकी है।
इनमें से 50 प्रतिशत मौतें एनएच-44 को पैदल पार करने वालों की हुई हैं। हाईवे पर कुंडली से गन्नौर तक कई औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण श्रमिक हाईवे के दूसरी ओर रहते हैं। ड्यूटी पर आने व जाने के दौरान श्रमिकों को हाईवे को पार करना पड़ता है, लेकिन यहां पर इन लोगों के लिए कोई सुविधा नहीं है।
तेज रफ्तार वाहनों के बीच श्रमिक अपनी जान हथेली पर रखकर हाईवे को पार करते हैं। वाहनों से टकराकर लाेगों की मौत हो जाती है। वर्ष 2024 में जीटी रोड पर पांच ब्लैक स्पाट चिह्नित किए थे, यहां पर एफओबी बनाए जाने थे, लेकिन एक साल के बाद भी इनके निर्माण की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। टेंडर होने के बाद भी इनका निर्माण शुरू नहीं हो पाया है।
एनएच-44 को पैदल पार करने वाले हादसों का शिकार हो रहे हैं। हादसों में श्रमिकों व अन्य राहगीरों की मौतोंं को रोकने के लिए एनएनएआई ने नई योजना बनाई है। दिल्ली के मुकरबा चौक से लेकर पानीपत तक हाईवे के बीच में आठ फुट ऊंची ग्रिल लगाई जाएगी, ताकि हाईवे को किसी भी सूरत में पैदल पार न किया जा सके। प्रस्ताव को उच्च अधिकारियों के पास भेजा गया है। मंजूरी मिलने के बाद काम शुरू कराया जाएगा।
- जगभूषण, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई
पिछले साल महीने वार हादसों में हुई मौतें
महीना
संख्या
जनवरी
32
फरवरी
27
मार्च
37
अप्रैल
37
मई
34
जून
39
जुलाई
41
अगस्त
29
सितंबर
29
अक्टूबर
40
नवंबर
40
दिसंबर
33
कुल
418
इन पांच ब्लैक स्पाॅट को अब तक खत्म नहीं किया जा सका
- ड्रेन नंबर आठ से ईएसआइ डिस्पेंसरी, नजदीक प्याऊ मनियारी, कुंडली
- पहल न्यूट्रियन के पास से एक्साइड सेंटर से आंतिल आटो वक्र्स, बहालगढ़
- चिरंजीवी अस्ताल से टूडे डेयरिज प्रा. लि., बहालगढ़
- गुलशन ढाबे से सिद्धार्थ पंजाबी ढाबा, मुरथल
- मदन ढाबा से झिलमिल ढाबा, मुरथल
आंकड़ों पर एक नजर
- 319 लोगों की मौत हुई थी वर्ष 2024 में जिले में हुई दुर्घटनाओं में।
- 20 प्रतिशत कमी कर लक्ष्य रखते हुए 257 मौतों से अधिक न होने देने का संकल्प लिया गया।
- 418 मौतें हुई वर्ष 2025 में सड़क हादसों में जिले में।
- 31 प्रतिशत मौतें बढ़ गईं जिले में पिछले साल से।
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