कैसे होते हैं इस दिन जन्में लोग? (Image Source: AI-Generated)
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। ज्योतिष और पुराणों में जन्म तिथि को व्यक्ति के स्वभाव और प्रभाव का बड़ा आधार माना गया है। खासतौर पर शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को जन्मे लोगों को बेहद प्रभावशाली, तेजस्वी और नेतृत्व क्षमता वाला माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन जन्म लेने वाले लोग सामान्य जीवन नहीं जीते, बल्कि किसी न किसी रूप में अपनी अलग पहचान जरूर बनाते हैं।
ज्योतिष के अनुसार, अष्टमी तिथि का संबंध शक्ति, साहस और परिवर्तन से होता है। इस तिथि पर जन्मे लोगों की कुंडली में चंद्रमा की स्थिति मजबूत मानी जाती है। जिससे मानसिक दृढ़ता और निर्णय लेने की क्षमता विकसित होती है। ऐसे लोग मुश्किल हालात में भी घबराते नहीं, बल्कि समाधान ढूंढने पर भरोसा रखते हैं।
पुराणों में भी लिखा है कारण
पुराणों में भी अष्टमी तिथि को विशेष माना गया है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी और दुर्गाष्टमी जैसे पर्व इसी तिथि से जुड़े हैं। मान्यता है कि इस दिन जन्म लेने वाले लोगों पर देवी-देवताओं की विशेष कृपा रहती है। यही कारण है कि इनमें आत्मविश्वास, आकर्षण और प्रभावशाली व्यक्तित्व स्वाभाविक रूप से देखा जाता है।
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इन लोगों का जीवन आसान नहीं होता। अक्सर बचपन या युवावस्था में संघर्ष करना पड़ता है, लेकिन यही संघर्ष इन्हें मजबूत बनाता है। ये लोग अपने अनुभवों से सीखकर आगे बढ़ते हैं और समाज में एक अलग स्थान हासिल करते हैं। राजनीति, प्रशासन, मीडिया, शिक्षा और आध्यात्मिक क्षेत्रों में अष्टमी तिथि में जन्मे कई प्रभावशाली व्यक्तित्व देखने को मिलते हैं।
भीड़ को दिशा देने की क्षमता
ज्योतिष मानता है कि ऐसे लोग भीड़ का हिस्सा नहीं बनते, बल्कि भीड़ को दिशा देने की क्षमता रखते हैं। इनमें नेतृत्व गुण जन्मजात होते हैं और सही समय आने पर ये खुलकर सामने आते हैं। इसलिए कहा जाता है कि अष्टमी तिथि में जन्म लेना केवल एक तारीख नहीं, बल्कि एक विशेष ऊर्जा के साथ जीवन की शुरुआत है। यही कारण है कि इस दिन जन्मे लोग समाज में बेहद प्रभावशाली माने जाते हैं और अपने कर्मों से अपनी पहचान बनाते हैं।
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