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राशन कार्ड बनवाने के लिए फर्जीवाड़ा। फाइल फोटो
अमरेंद्र कांत, किशनगंज। सरकार जरूरतमंदों के लिए खाद्य सुरक्षा योजना चलाकर लोगों का पेट भर रही है, परंतु जिनके पहले से पेट भरे हुए हैं वो भी इस योजना का लाभ लेने में पीछे नहीं हैं। अब सरकार ने ऐसे लोगों को चिह्नित कर कार्रवाई का निर्देश दिया है।
इस आलोक में ऐसे करीब सात हजार लोगों को नोटिस जारी की गई है। हालांकि नोटिस मिलते ही अबतक करीब तीन सौ लोग अपना नाम योजना से कटवाने के लिए अनुमंडल कार्यालय में आवेदन किया है।
जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत कई ऐसे लोग भी चावल व गेहूं का उठाव कर रहे थे, जिनके पास ढ़ाई एकड़ से अधिक जमीन है। परिवार के सदस्य सरकारी नौकरी कर रहे हैं, खेती योग्य कई एकड़ जमीन है और किसान सम्मान योजना का लाभ ले रहे हैं, जीएसटी व आयकर जमा कर हैं।
भारत सरकार के स्तर से जब इसको खंगाला गया तो उनके जिले के करीब 11 हजार लोग संदिग्ध मिले। विभागीय जानकारी के अनुसार आधार कार्ड से लिंक होने वाले सभी योजनाओं को सरकार द्वारा खंगालने के बाद यह प्रक्रिया शुरू की गई है।
कौन नहीं ले सकते हैं लाभ
एसडीओ ने बताया कि इस योजना के तहत जिनके पास मोटर चालित तिपहिया या चार पहिया वाहन है। मशीन चालित तीन या चार पहिया कृषि उपकरण है, सरकार में पंजीकृत गैर कृषि उद्योग या गृहस्थी वाले परिवार, परिवार के किसी सदस्य की मासिक आय 10 हजार से अधिक हो।
आयकर, व्यवसायिक कर का भुगतान करते हो, तीन कमरे से अधिक का छतदार मकान हो, सिंचाई उपकरण के साथ ढ़ाई एकड़ सिचिंत जमीन हो ऐसे लोग इसका लाभ नहीं ले सकते हैं। इसके विपरीत करीब 11 हजार लोग इस योजना का लाभ ले रहे थे। सरकार ने ऐसे लोगों को चिह्नित कर कार्रवाई का निर्देश दिया है।
करीब सात हजार लोगों को अबतक नोटिस भेजा जा चुका है। जिनसे सात दिनों के अंदर साक्ष्य कार्यालय में जमा करने को कहा गया है। करीब तीन सौ लोगों ने नोटिस मिलने के बाद अपना नाम कटाने के लिए आवेदन दिया है। नोटिस मिलने के बाद जिनके द्वारा साक्ष्य नहीं दिया जाएगा, उनका राशन कार्ड रद करते हुए उनके विरुद्ध विधि सम्मत कार्रवाई भी की जाएगी। -अनिकेत कुमार, एसडीओ |
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