LHC0088 • 9 hour(s) ago • views 373
जागरण संवाददाता, चंदौली। न्यायालय विशेष न्यायाधीश (पाक्सो अधिनियम) अनुराग शर्मा की अदालत ने सोमवार को नौ वर्षीय बालिका के साथ दुष्कर्म करने के मामले में दोषी सुभाष सोनकर निवासी बिसौली को आजीवन कारावास एवं पचास हजार अर्थदंड की सजा सुनाई है।
जुर्माना राशि जमा नहीं करने पर चार माह का अतिरिक्त कारावास भुगतनी होगी। जुर्माने की धनराशि में से 80 प्रतिशत धनराशि पीड़िता को प्रतिकर के रूप में भुगतान की जायेगी।
भारतीय न्याय संगीता में दर्ज मुकदमें में जनपद का यह पहले मामले में छह महीने में ही फैसला सुनाया है।
पीड़िता के पिता ने 15 मार्च 2025 को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि 14 मार्च की रात सुभाष सोनकर अपने छोटे बच्चे की देखभाल के लिए उसकी नौ वर्षीय बेटी को बुलाकर अपने घर ले गया था। रात में उसकी बेटी घर वापस आकर सो गई।
इसके बाद बेटी को बुखार आने पर पत्नी ने दवा देने कमरे में गई गयी तो बेटी ने उन्हें घटना की जानकारी दी। बताया कि रात में आरोपित सुभाष सोनकर जबरिया उसे खेत में ले जाकर दुष्कर्म किया। इस बीच दोषी का मोबाइल खेत में गिर गया था।
मोबाइल फोन उठाकर देखा तो वह सुभाष ही था। वह खून से लथपथ होकर किसी तरह से दीवार के सहारे घर पहुंचकर सो गई थी। वह पूरी जानकारी अपनी मां को दिया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता व धारा- 5 (11)/6 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया।
इस मामले में 29 अप्रैल 2025 को विवेचक की ओर ओर से आरोप-पत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया। मामले में विवेचक सहित छह गवाहों को परीक्षित कराया गया। दाेनों पक्षों के तर्कों को सुनने को बाद अदालत ने दोषी सुभाष सोनकर को सजा सुनाई है। वरिष्ठ अधिवक्ता शमसेर बहादुर सिंह ने पीड़िता की ओर से पैरवी की। |
|