search
 Forgot password?
 Register now
search

महंगाई से जूझ रहे बांग्लादेश को भारत का सहारा, मोहम्मद यूनुस के देश सीधे पहुंचेगा 2 लाख टन चावल

Chikheang Yesterday 23:26 views 154
  



नई दिल्ली। महंगाई से जूझ रहे बांग्लादेश को भारत का सहारा मिला। भारतीय चावल पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश भेजा जाएगा। बांग्लादेश में दो लाख टन उष्णा चावल भेजा जाएगा। इसको लेकर भारतीय चावल मिल संचालकों और निर्यातकों ने बांग्लादेश के निजी क्षेत्र को दो लाख टन उष्णा चावल के आयात की अनुमति का स्वागत किया है। उनका दावा है कि इस कदम से पूर्वी और दक्षिणी भारत के आपूर्तिकर्ताओं के लिए निर्यात के अतिरिक्त अवसर खुले हैं।
232 निजी कंपनियां बांग्लादेश भेजेंगी चावल

मिल संचालकों ने कहा कि बांग्लादेश सरकार ने 232 निजी कंपनियों को 10 मार्च, 2026 तक चावल आयात करने की अनुमति दी है। यह बढ़िया और उष्णा किस्मों की कीमतों में तेज बढ़ोतरी के बीच घरेलू कीमतों को स्थिर करने के प्रयासों का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि यह आवंटन बांग्लादेश की आयात योजना के अतिरिक्त है। इसकी घोषणा अगस्त 2025 में की गई थी, जिसमें वित्त वर्ष 2025-26 में बाढ़ से फसल के नुकसान के बाद स्टॉक को फिर से बनाने के लिए लगभग नौ लाख टन चावल आयात करने की योजना थी।
सबसे ज्यादा ये 2 राज्य बांग्लादेश भेजते हैं चावल

भारतीय चावल निर्यातक महासंघ (आईआरईएफ) के अध्यक्ष, प्रेम गर्ग ने कहा कि बांग्लादेश पारंपरिक रूप से भारतीय चावल का एक स्थिर खरीदार रहा है। गर्ग ने पीटीआई-भाषा को बताया, ‘‘बांग्लादेश एक नियमित आयातक है। आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल के व्यापारी बांग्लादेश को निर्यात के प्राथमिक लाभार्थी हैं।’’ उन्होंने कहा कि निकटता और प्रतिस्पर्धी कीमतें, भारतीय आपूर्तिकर्ताओं के पक्ष में बनी हुई हैं।

उद्योग के जानकारों ने कहा कि यह नवीनतम निजी आयात का रास्ता बांग्लादेश में चावल की खुदरा और थोक कीमतों में, खासकर उष्णा चावल की कीमतों में, हुई बढ़ोतरी के बाद आई है। भारतीय मिल संचालकों ने कहा कि बांग्लादेश के खाद्य मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, निजी आयात के लिए अनुमति दी गई पूरी मात्रा गैर-सुगंधित उष्णा चावल की है जिसमें अधिकतम पांच प्रतिशत टूटे हुए दाने हैं।
भारत बांग्लादेश का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता

उन्होंने कहा कि आयातकों से चावल को मूल बोरियों में बेचने और जमाखोरी को रोकने के लिए आयात, भंडारण और बिक्री का विवरण जिला खाद्य नियंत्रकों को रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है। निर्यातकों के अनुसार, भारत बांग्लादेश का सबसे बड़ा और सबसे किफायती आपूर्तिकर्ता बना हुआ है। हाल की निविदा में, भारतीय सफेद चावल की कीमत लगभग 351-360 डॉलर प्रति टन थी, जबकि पाकिस्तान द्वारा पेश की गई कीमत लगभग 395 डॉलर प्रति टन थी।

डॉलर की \“अकड़\“ तोड़ेगा भारत! BRICS देशों के साथ ट्रंप की हेकड़ी निकालने की तैयारी, बनाया करेंसी से जुड़ा ऐसा प्लान
like (0)
ChikheangForum Veteran

Post a reply

loginto write comments
Chikheang

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

0

Posts

1510K

Credits

Forum Veteran

Credits
154557

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com