search

माध्यमिक आचार्य नियुक्ति के अंतर्गत द्वितीय पत्र की परीक्षा का कार्यक्रम जारी, अभ्यर्थियों में आक्रोश

LHC0088 2026-1-19 21:26:42 views 622
  

झारखंड प्रशिक्षित माध्यमिक आचार्य संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2025 के अंतर्गत द्वितीय पत्र की परीक्षा का कार्यक्रम जारी।



जागरण टीम, रांची। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग ने झारखंड प्रशिक्षित माध्यमिक आचार्य संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2025 के अंतर्गत द्वितीय पत्र की परीक्षा का कार्यक्रम जारी कर दिया है। इसके तहत सोमवार काे द्वितीय पाली में एआइ और कोडिंग विषय की परीक्षा हुई।

मंगलवार (20 जनवरी) को पहली पाली में संथाली स्पेशल एजुकेशन, नागपुरी, पंचपरगनिया, गृह विज्ञान, मनोविज्ञान तथा कंप्यूटर साइंस विषय की परीक्षा होगी, जबकि दूसरी पाली में बांग्ला, समाज शास्त्र, जियोलाजी, मानव विज्ञान तथा दर्शनशास्त्र की परीक्षा होगी।

21 जनवरी को पहली पाली में खोरठा, कुरमाली, मुंडारी तथा अप्लायड इंग्लिश तथा दूसरी पाली में कुड़ुख, उर्दू, हो, साइबर सेक्यूरिटी तथा ओडि़या विषय की परीक्षा होगी। 22 जनवरी को दोनों पालियों में राजनीति विज्ञान विषय की परीक्षा होगी। अभ्यर्थी इससे संबंधित सूचना आयोग की वेबसाइट पर देख सकते हैं।
जेएसएससी की सूचना अभ्यर्थियों पर पड़ी भारी, उठने लगे सवाल

उधर झारखंड प्रशिक्षित माध्यमिक आचार्य संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2025 के तहत पेपर-2 को लेकर राज्यभर के अभ्यर्थियों में भ्रम और आक्रोश है। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग द्वारा परीक्षा की सूचना बेहद अल्प समय में जारी किए जाने पर सवाल खड़े हो रहे हैं।  

अभ्यर्थियों के अनुसार रविवार शाम करीब चार बजे अचानक सूचना दी गई कि पेपर-2 की परीक्षा अगले ही दिन से आयोजित होगी। इससे दूर-दराज और ग्रामीण इलाकों से आने वाले अभ्यर्थियों की मुश्किलें बढ़ गईं।  
छात्राएं सबसे अधिक प्रभावित

संथाल परगना, कोल्हान, पलामू, गढ़वा, गुमला, खूंटी, लोहरदगा और सिमडेगा जैसे जिलों से एक दिन में रांची पहुंचना संभव नहीं है। ट्रेन टिकटों की अनुपलब्धता, बसों में भीड़ और निजी साधनों का खर्च बेरोजगार युवाओं के लिए बड़ी बाधा बन गया है।

अचानक परीक्षा सूचना से छात्राएं सबसे ज्यादा प्रभावित हुई हैं। सुरक्षा, रात्रि यात्रा और ठहरने की व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता जताई जा रही है। अभ्यर्थियों का कहना है कि यह समान अवसर के अधिकार के खिलाफ है।
आयोग की पारदर्शिता पर सवाल

अभ्यर्थियों के बीच यह सवाल भी उठ रहे हैं कि इतनी जल्दबाजी में परीक्षा कराने के पीछे क्या कारण है। कुछ युवाओं ने प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं और आयोग की मंशा पर संदेह जताया है। अभ्यर्थियों ने राज्य सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।  

अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया में पूर्व सूचना, पर्याप्त तैयारी समय और समान अवसर सुनिश्चित करना आयोग की जिम्मेदारी है। समय रहते समाधान नहीं हुआ तो यह संसाधनविहीन युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय होगा।
like (0)
LHC0088Forum Veteran

Post a reply

loginto write comments
LHC0088

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

0

Posts

1610K

Credits

Forum Veteran

Credits
166815