लखीसराय के विकास गुप्ता बने आत्मनिर्भरता की मिसाल
संवाद सहयोगी, लखीसराय। शिक्षा और समाज का आपस में गहरा संबंध है। शिक्षा न केवल व्यक्ति को ज्ञान देती है, बल्कि उसे आत्मनिर्भर बनाकर समाज और देश के विकास में सहभागी भी बनाती है। आज के दौर में कौशल आधारित शिक्षा, तकनीकी नवाचार, शोध और स्टार्टअप की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है।
इन्हीं मूल्यों को आत्मसात कर लखीसराय जिले के सुदूर सूर्यगढ़ा प्रखंड अंतर्गत उरैन गांव के विकास गुप्ता ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि संकल्प मजबूत हो, तो ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर भी वैश्विक पहचान बनाई जा सकती है। विकास गुप्ता ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा उत्क्रमित मध्य विद्यालय उरैन से प्राप्त की।
इसके बाद उन्होंने वर्ष 2018 में हाई स्कूल नरोत्तमपुर, कजरा (लखीसराय) से 12वीं कक्षा उत्तीर्ण की। गांव के सरकारी विद्यालय से पढ़ाई शुरू करने वाले विकास ने उच्च शिक्षा के लिए वर्ष 2019 से 2023 तक मुजफ्फरपुर इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलाजी (एमआइटी), बिहार से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की।
कॉलेज के अंतिम वर्ष में ही विकास ने अपने सहपाठियों संदीप और पीयूष के साथ मिलकर इंग्लिशयारी नामक एक एड-टेक स्टार्टअप की स्थापना की। यह स्टार्टअप अंग्रेजी संवाद, प्रोफेशनल कम्युनिकेशन और व्यक्तित्व विकास के क्षेत्र में कार्य करता है।
अपने तकनीकी कौशल, नवाचार और रचनात्मक सोच के बल पर विकास ने इस स्टार्टअप को तेजी से आगे बढ़ाया। आज इंग्लिशयारी एक 10 करोड़ रुपये से अधिक वैल्यूएशन वाली कंपनी बन चुकी है। यह प्लेटफॉर्म भारत के साथ-साथ यूएई, सऊदी अरब, कतर, अमेरिका और यूके जैसे देशों में भी सक्रिय है।
वर्तमान में इस डिजिटल मंच से 100 से अधिक प्रशिक्षित इंग्लिश ट्रेनर जुड़े हुए हैं और अब तक 1,00,000 से अधिक लर्नर्स इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से अंग्रेजी बोलने, प्रोफेशनल स्किल्स और आत्मविश्वास विकसित कर चुके हैं।
इंग्लिशयारी से जुड़े बड़ी संख्या में युवाओं और वर्किंग प्रोफेशनल्स ने बेहतर अंग्रेजी संवाद कौशल के दम पर नौकरी के इंटरव्यू सफलतापूर्वक पास किए, प्रमोशन हासिल किया और अपने करियर को नई दिशा दी। खास बात यह है कि इस प्लेटफॉर्म से जुड़ी कई महिलाएं घर बैठे ऑनलाइन इंग्लिश ट्यूटर के रूप में कार्य कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं, जिससे सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को भी बढ़ावा मिल रहा है।
इस स्टार्टअप को शुरू करने में बिहार सरकार की बिहार स्टार्टअप पॉलिसी के तहत आर्थिक सहयोग भी मिला। इसके बाद बिहार से बाहर के निवेशकों ने भी इस पर भरोसा जताया। ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले विकास गुप्ता का कहना है कि शिक्षा, कौशल और आत्मनिर्भरता समाज के समग्र विकास का आधार है।
सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर बिहार और छोटे शहरों के युवा भी राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना सकते हैं। वे शिक्षा और उद्यमिता के माध्यम से युवाओं को आत्मविश्वासी, रोजगार योग्य और आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। |