LHC0088 • Yesterday 18:26 • views 151
Jaya Ekadashi 2026 Date: जया एकादशी का धार्मिक महत्व
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हर साल माघ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि के अगले दिन जया एकादशी मनाई जाती है। यह पर्व लक्ष्मी नारायण जी को समर्पित होता है। इस शुभ अवसर पर भक्ति भाव और विधि-विधान से लक्ष्मी नारायण जी की पूजा की जाती है। साथ ही एकादशी का व्रत रखा जाता है।
धार्मिक मत है कि जया एकादशी का व्रत करने से साधक को अधोगति (निम्न लोक) से मुक्ति मिलती है। साथ ही घर में सुख, समृद्धि और खुशहाली आती है। इस व्रत को करने से साधक पर लक्ष्मी नारायण जी की कृपा बरसती है। आइए, इस व्रत के बारे में सबकुछ जानते हैं-
जया एकादशी का महत्व
सनातन शास्त्रों में जया एकादशी की महिमा का वर्णन विस्तारपूर्वक किया गया है। इस व्रत को करने से व्यक्ति को प्रेत योनि से मुक्ति मिलती है। साथ ही साधक के पितरों को जगत के पालनहार भगवान विष्णु की कृपा से मोक्ष मिलती है। इस व्रत को करने से साधक की हर मनोकामना पूरी होती है। इस व्रत के महत्व के बारे में भगवान कृष्ण ने धर्मराज युधिष्ठिर को दिया था। इस शुभ अवसर पर मंदिरों में लक्ष्मी नारायण जी की विशेष पूजा की जाती है।
कब है जया एकादशी? (Jaya Ekadashi 2026 Shubh Muhurat)
वैदिक पंचांग के अनुसार, माघ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत 28 जनवरी को शाम 04 बजकर 35 मिनट पर होगी। वहीं, शुक्ल पक्ष की एकादशी का समापन 29 जनवरी को दोपहर 01 बजकर 55 मिनट पर होगा। इस प्रकार 29 को जया एकादशी मनाई जाएगी। साधक सुविधा अनुसार समय पर स्नान-ध्यान कर लक्ष्मी नारायण जी की पूजा कर सकते हैं।
जया एकादशी शुभ योग (Jaya Ekadashi 2026 Shubh Yoga)
जया एकादशी के दिन भद्रावास और रवि योग का संयोग है। रवि योग में लक्ष्मी नारायण जी की पूजा करने से साधक को आरोग्यता का वरदान मिलेगा। साथ ही करियर और कारोबार को नया आयाम मिलेगा। इस शुभ अवसर पर रोहिणी और मृगशिरा नक्षत्र का संयोग है। इन योग में भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करने से साधक की हर मनोकामना पूरी होगी।
यह भी पढ़ें- Jaya Ekadashi 2026: जया एकादशी पर करें भगवान विष्णु के इन नामों का जप, खुद घर चलकर आएंगी माता लक्ष्मी
यह भी पढ़ें- Jaya Ekadashi 2026: जया एकादशी के दिन करें तुलसी चालीसा का पाठ, खुश होंगी माता लक्ष्मी
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है। |
|