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बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार का सिलसिला जारी, दो और हिंदुओं की हत्या

deltin33 2026-1-18 00:56:15 views 1205
  

बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार का सिलसिला जारी (फोटो- आईएएनएस)



जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं की हत्याओं का सिलसिला जारी है। 24 घंटे के भीतर दो और हिंद़ुओं की हत्या कर दी गई। पहली घटना राजबाड़ी जिले में हुई, जहां पेट्रोल पंप पर तेल के पैसे मांगने पर युवक को कार से रौंद डाला गया।

दूसरी घटना में गाजीपुर जिले में दुकान के कर्मचारी को हमले से बचाने आए मालिक को फावड़े से काट कर मौत के घाट उतार दिया गया। सिर्फ एक महीने के अंदर देशभर में 11 हिंदुओं की हत्या की जा चुकी है।

प्रेट्र के अनुसार, पहली घटना शुक्रवार को राजबाड़ी इलाके में हुई। पेट्रोल पंप पर काम करने वाले हिंदू युवक का कसूर बस इतना था कि उसने कार में ईंधन भराने वालों से पैसे मांग लिए और नहीं देने पर इसका विरोध किया। स्थानीय मीडिया के अनुसार, मृतक की पहचान 30 वर्षीय रिपन साहा के रूप में हुई है। वह राजबाड़ी के गोलंदा मोड़ के पास करीम पेट्रोल पंप पर काम करता था।

द डेली स्टार ने पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से बताया कि शुक्रवार तड़के करीब साढ़े चार बजे एक काले रंग की एसयूवी पेट्रोल पंप पर पहुंची और उसमें पांच हजार टका (लगभग 3,710 रुपये) का ईंधन भरवाया। जब कार ड्राइवर बिना भुगतान किए जाने लगा तो रिपन ने वाहन को रोकने की कोशिश की।

इस पर उसने रिपन पर कार चढ़ा दी जिससे जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद वह कार लेकर फरार हो गया। हालांकि, बाद में पुलिस ने वाहन को जब्त कर लिया और उसके मालिक अबुल हाशेम उर्फ सुजान (55) और ड्राइवर कमाल हुसैन (43) को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने बताया कि हाशेम, बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की राजबाड़ी जिला इकाई का पूर्व कोषाध्यक्ष तथा जिला युवा दल का पूर्व अध्यक्ष है और पेशे से ठेकेदार है।

स्थानीय वेबपोर्टल बीडीन्यूज24 डॉट कॉम के अनुसार, दूसरी घटना बांग्लादेश के गाजीपुर जिले में हुई। पुलिस के अनुसार एक हिंदू व्यक्ति की दुकान के कर्मचारी को हमले से बचाने की कोशिश में पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। 55 साल के लिटन चंद्र घोष उर्फ काली बारानागर रोड पर बैशाखी स्वीटमीट एंड होटल नाम की मिठाई की दुकान के मालिक थे, जहां यह झगड़ा हुआ था।

पुलिस और चश्मदीदों के मुताबिक, शनिवार को सुबह 11 बजे मिठाई की दुकान में घुसे 28 साल के मासूम मियां और दुकान के 17 साल के कर्मचारी अनंत दास के बीच एक छोटी सी बात पर कहासुनी हो गई। यह बहस जल्द ही मारपीट में बदल गई। इसके तुरंत बाद मासूम मियां के माता-पिता मोहम्मद स्वपन मियां और माजेदा खातून मौके पर पहुंचे और अनंत को पीटने लगे।

लिटन घोष ने अनंत दास को बचाने और स्थिति को शांत करने के लिए बीच-बचाव किया, लेकिन उन पर भी हमला किया गया। उनके सिर पर फावड़े से वार किया गया और चोट लगने से मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे, स्वपन मियां, माजेदा खातून और मासूम मियां को पकड़ लिया और उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया। बांग्लादेश हिंदू, बौद्ध, ईसाई एकता परिषद के कार्यकारी महासचिव मनींद्र कुमार नाथ ने बताया कि उन्हें इस घटना की सूचना मिली है। अल्पसंख्यकों पर हमलों की घटनाएं चिंताजनक हैं।
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