search

बिना बिल बिक गईं 1.5 लाख से ज्यादा कोडीन बोतलें, आखिर कौन है इस अवैध खेल का मास्टरमाइंड?

Chikheang 2026-1-14 21:26:57 views 1148
  

प्रतीकात्‍मक च‍ित्र



जागरण संवाददाता, रामपुर। कोडीन युक्त सीरप की बिक्री बिना डाक्टर के पर्चे पर किया जाना अवैध है और इसकी बिक्री का रिकार्ड सभी दवा विक्रेताओं को रखना जरूरी है। बावजूद इसके कुछ दवा विक्रेता चोरी छिपे बिना बिल के इसे बेच रहे हैं। पांच माह में कोडीन सीरप की अवैध बिक्री के आरोप में औषधि विभाग की ओर से सात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है।

कोडीन युक्त सीरप की बिक्री करने वाली फर्मों की जांच की जा रही है। अब भी पांच फर्म ऐसी हैं, जिनके पास कोडीन युक्त सीरप की खरीद-फरोख्त के अभिलेख पूरे नहीं हैं। बावजूद इसके इन पर अभी तक विभागीय अधिकारी मेहरबान हैं। इनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा सकी है।

औषधि निरीक्षक मुकेश कुमार का कहना है कि आधा दर्जन फर्मों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। उनके लाइसेंस भी निरसत कर दिए हैं। फिलहाल कोई संदिग्ध फर्म नहीं मिली है, जिसके द्वारा कोडीन युक्त सीरप की अवैध रूप से खरीद-फरोख्त की गई हो। यदि कोई फर्म मिलेगी तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
चार माह पहले दर्ज हुई थी कोडीन युक्त सीरप की पहली प्राथमिकी

कोडीन युक्त सीरप की बिक्री को लेकर पहली प्राथमिकी चार माह पहले दर्ज हुई थी। यह प्राथमिकी आठ सितंबर को शहर कोतवाली में औषधि निरीक्षक मुकेश कुमार की ओर से कराई गई थी। तब पुलिस ने मोरी गेट के पास एक गोदाम पर छापा मारा था। यहां एक गोदाम में कोडीन युक्त सीरप की 11893 बोतलें मिली थीं, जिसकी कीमत 17 लाख रुपये थी।

इस मामले में टांडा थाना क्षेत्र के करीमपुर गर्वी गांव के अब्दुल कादिर, टांडा के ग्राम परसुपुरा के अहसान नूरी और अजीमनगर थाना क्षेत्र के बजावाला गांव के अनीस के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जांच के दौरान पुलिस ने अनीस का नाम निकाल दिया था। विवेचना पूरी कर अब्दुल कादिर और अहसान नूरी के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया है।
तीन फर्मों पर दर्ज कराई थी र‍िपोर्ट

इसके बाद तीन दिसंबर को पुलिस ने तीन फर्मों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इनमें शहर के मुहल्ला पक्का बाग में दवा के थोक विक्रेता उमर, सलमान और मुहल्ला घेर कलंदर खां निवासी उस्मान को नामजद किया था। उनके यहां जांच करने पर कफ सीरप का कोई भंडारण नहीं मिला, जबकि उनके द्वारा कंपनियों से इसकी खरीद की गई थी।

उन्होंने सभी माल बिना बिल के बेच दिया। उमर ने 29 हजार बोतल सीरप बेचा, जिसकी कीमत 16.82 लाख है। सलमान ने 91 हजार सीरप बेचा, जिसकी कीमत 93 लाख और उसमान ने करीब 25 लाख कीमत के 42 हजार सीरप बेच दिए। सभी को बिक्री के रिकार्ड उपलब्ध कराने को नोटिस दिया गया।

उनके द्वारा विक्रय बिल, स्टाक रजिस्टर आदि रिकार्ड नहीं दिया गया। तीनों के ड्रग लाइसेंस निरस्त कर दिए गए थे। 15 दिसंबर को औषधि निरीक्षक ने शहर के मुहल्ला राजद्वारा में लता फार्मास्युटिकल फर्म के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इस फर्म के प्रोपराइटर हर्ष अग्रवाल हैं। फर्म के द्वारा कोडीन युक्त सीरप के क्रय-विक्रय का हिसाब नहीं दिया गया था।




यह भी पढ़ें- रामपुर RDA की \“हिट लिस्ट\“ तैयार: खौद में 30 बीघा पर बुलडोजर चलने के बाद अब इन इलाकों की बारी, हड़कंप!
like (0)
ChikheangForum Veteran

Post a reply

loginto write comments
Chikheang

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

0

Posts

1610K

Credits

Forum Veteran

Credits
168578