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क्रिसमस की दो तारीखें? क्यों कुछ लोग 25 दिसंबर तो कुछ 7 जनवरी को मनाते हैं यह त्योहार?

Chikheang 2026-1-8 09:56:37 views 868
  

क्यों दो अलग-अलग दिन मनाते हैं क्रिसमस? (Picture Courtesy: Freepik)



लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। क्रिसमस का नाम सुनते ही दिमाग में 25 दिसंबर की तारीखआती है। पूरी दुनिया में क्रिसमस का त्योहार ईसा मसीह के जन्मदिवस के रूप में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है और ज्यादातर लोग इसे 25 दिसंबर को मनाते हैं।  

लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया के एक बड़े हिस्से में क्रिसमस 7 जनवरी (Why Some Celebrate Christmas on 7 January) को मनाया जाता है? जी हां, आपने सही पढ़ा। दुनिया के कई हिस्सों में क्रिसमस 25 दिसंबर को नहीं, बल्कि 7 जनवरी को मनाया जाता है। आइए जानें ऐसा क्यों है।  

  

(Picture Courtesy: Freepik)
कैलेंडर का गणित है जिम्मेदार

इस अंतर की शुरुआत साल 1582 में हुई। उस समय तक पूरी दुनिया में जूलियन कैलेंडर को फॉलो किया जाता था। लेकिन उस साल पोप ग्रेगरी XIII ने एक नया कैलेंडर पेश किया, जिसे ग्रेगोरियन कैलेंडर कहा जाता है। ज्यादातर पश्चिमी देशों ने ग्रेगोरियन कैलेंडर को अपना लिया और उसके अनुसार 25 दिसंबर को क्रिसमस मनाना जारी रखा।

हालांकि, ऑर्थोडॉक्स और कॉप्टिक चर्च से जुड़े ईसाइयों ने पुराने जूलियन कैलेंडर को ही मानना बेहतर समझा। यही कारण है कि आज भी दुनिया में क्रिसमस दो अलग-अलग दिनों पर मनाया जाता है। इसलिए अलग-अलग क्षेत्रों के लगभग 25 करोड़ ईसाई इसी दिन प्रभु यीशु का जन्मदिन मनाते हैं।

  

(Picture Courtesy: Freepik)
कौन-सा कैलेंडर है ज्यादा सटीक?

इन दोनों कैलेंडरों के बीच का अंतर समय की सटीक गणना पर आधारित है-

  • जूलियन कैलेंडर- इसमें साल की गणना वास्तविक समय से लगभग 11 मिनट ज्यादा मानी जाती थी। सुनने में यह अंतर छोटा लग सकता है, लेकिन हर 128 साल में यह एक पूरे दिन का अंतर पैदा कर देता था।
  • ग्रेगोरियन कैलेंडर- यह कहीं ज्यादा सटीक है। इसमें 3,236 साल में जाकर केवल एक दिन का अंतर आता है।


आज के समय में जूलियन कैलेंडर, ग्रेगोरियन कैलेंडर से 13 दिन पीछे चल रहा है। इसी 13 दिनों के अंतर की वजह से जूलियन कैलेंडर की 25 दिसंबर की तारीख, ग्रेगोरियन कैलेंडर में 7 जनवरी बन जाती है।
7 जनवरी को क्रिसमस मनाने वाले देश कौन-से हैं?

मुख्य रूप से रूस, सर्बिया, जॉर्जिया, मिस्र और इथियोपिया के ऑर्थोडॉक्स और कॉप्टिक ईसाई 7 जनवरी को क्रिसमस मनाते हैं। हालांकि, समय के साथ कुछ बदलाव भी देखे जा रहे हैं। यूक्रेन, ग्रीस, रोमानिया और बुल्गारिया जैसे देशों ने अब पश्चिमी परंपरा के साथ तालमेल बिठाने के लिए 25 दिसंबर को क्रिसमस मनाना शुरू कर दिया है।
कैलेंडर के अलग-अलग प्रकार

दुनिया भर में समय की गणना के लिए मुख्य रूप से तीन प्रकार के कैलेंडर इस्तेमाल होते हैं-

  • सोलर कैलेंडर- यह कैलेंडर सूर्य पर आधारित है। इसमें जूलियन, ग्रेगोरियन और फारसी कैलेंडर शामिल हैं।
  • लूनर कैलेंडर- यह कैलेंडर चंद्रमा पर आधारित है, जैसे इस्लामिक कैलेंडर।
  • लूनी-सोलर कैलेंडर- यह कैलेंडर सूर्य और चंद्रमा दोनों पर आधारित है, जैसे- हिंदू, यहूदी और चीनी कैलेंडर।

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