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कानपुर में भाजपा की अंदरूनी कलह, असंतुष्ट पार्षदों ने दी सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी

Chikheang 2026-1-6 18:57:41 views 851
  



जागरण संवाददाता, कानपुर। महापौर प्रमिला पांडेय के बेटे बंटी पांडेय और भाजपा के छह असंतुष्ट पार्षदों के बीच विवाद गहराता जा रहा है। इस मुद्दे को लेकर पार्टी की हो रही किरकिरी को देखते हुए मंगलवार को क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल ने एक बैठकर असंतुष्ट पार्षदों से बातचीत की। हालांकि बैठक में कोई नतीजा नहीं निकला है, लेकिन पार्षदों ने स्पष्ट कर दिया है, अगर महापौर और उनके बेटे की मनमानी इसी तरह चलती रही तो वह सभी सामूहिक रूप से पार्टी से इस्तीफा दे देंगे, लेकिन आम लोगों को आवाज नहीं दबने देंगे।


पिछले दिनों नगर निगम सदन के दौरान भाजपा के छह पार्षदों पवन गुप्ता, अंकिता मौर्या, विकास जायसवाल, आलोक पांडेय, लक्ष्मी कोरी, हरि स्वरूप निक्की तिवारी ने महापौर के बेटे बंटी पांडेय पर अपनी मां के स्थान पर नगर निगम चलाने का आरोप लगा, खूब हंगामा किया था। पार्षद पवन गुप्ता ने संतलाल हाता को आधार बनाया और आरोप लगाए कि वह बंटी पांडेय के पैर नहीं छूते इसलिए उनके क्षेत्रों में विकास कार्य नहीं कराए जा रहे हैं।


महापौर, बंटी पांडेय और नगर निगम के अधिकारी यही कह रहे हैं कि संतलाल हाता निजी संपत्ति है, यहां किस आधार पर विकास कार्य कराए जाएं। वहीं पवन गुप्ता का आरोप है कि संतलाल हाता को निजी संपत्ति बताकर उस पर कब्जे की कोशिश हो रही है। यह कोशिश बंटी पांडेय की है। इस विवाद के चलते पार्टी का अनुशासन तार-तार हो रहा है और किरकिरी भी हो रही है।  

इस संबंध में मंगलवार को भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल, उत्तर जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित, दक्षिण जिलाध्यक्ष शिवराम सिंह ने असंतुष्ट पार्षदों की एक बैठक बुलाई। असंतुष्ट पार्षद पवन गुप्ता ने बताया कि उन्होंने क्षेत्रीय अध्यक्ष के सामने स्पष्ट रूप से कह दिया है कि नगर निगम में बंटी पांडेय का हस्तक्षेप समाप्त किया जाए। बंटी पांडेय मुक्त नगर निगम होगा, तभी हालात बेहतर होंगे।

महापौर निगम के अधिकारियों को निर्देश दें न कि बंटी। संतलाल हाता समेत उनके क्षेत्रों में विकास कार्य कराए जाएंगे, अगर ऐसा नहीं हुआ तो वह सभी पार्टी से इस्तीफा दे देंगे। वहीं दूसरी ओर असंतुष्ट भाजपा पार्षद उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या से मिलने सीएसए के हैलीपेड पहुंच गए। उन्होंने रोकने की कोशिश की गई, लेकिन वह नहीं मानें। बाद में उपमुख्यमंत्री उनसे मिले, मगर कोई लंबी बातचीत नहीं हुई। उन्होंने सभी को लखनऊ आकर विवाद के संबंध में बात करने को कहा।

निजी संपत्ति है तो क्यों डाली पानी की लाइन


संतलाल हाता को लेकर जलकल के अधिशासी अभियंता ने सोमवार को दावा किया था कि संतलाल हाता विवादित होने के कारण स्पष्ट नहीं है कि उपरोक्त भूमि निजी है अथवा सरकारी। जिसके कारण जलकल विभाग द्वारा सीवर लाइन बिछाने का कार्य संभव नहीं हो पा रहा है। उपरोक्त भूमि का स्वामित्व निर्धारित होते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। अब इस विषय पर असंतुष्ट पार्षद पवन गुप्ता को बयान आया है। उन्होंने सवाल किया है कि अगर सीवर लाइन इसलिए नहीं डाली जा रही है कि तो जलकल बताए कि किस आधार पर यहां पानी की पाइप लाइन डाल दी गई। आरोप लगाया कि जो लोक यहां रहने वालों से तीन सौ रुपये महीना पानी की किराया लेते थे, उनकी कमाई बंद हो गई। अब वह मालिकाना हक बताने लगे। हालांकि जलकल के अधिकारियों के मुताबिक मामला अब अदालत पहुंच गया है, जिसकी वजह से सीवर लाइन पर फैसला नहीं हो पा रहा है।
घर का मामला है हम निपटा लेंगे

इस संबंध में जब भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल से बात की गई तो उन्होंने बताया कि कई दिनों वह बाहर थे। कुछ समस्याएं आई हैं। घर का मामला है, निपटा लिया जाएगा। उन्होंने असंतुष्ट पार्षदों के साथ बैठक की है, उनसे उनकी नाराजगी का कारण पूछा है। उनकी जो समस्याएं हैं, वह दूर कराई जाएंगी।
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