cy520520 • 2026-1-5 13:56:46 • views 838
जमुना देवी का फाइल फोटो
संवाद सूत्र जागरण, शाहजहांपुर। बंदरों के हमले से कलान के छिदकुरी गांव जमुना देवी की छत से गिरकर मृत्यु हो गई। जमुना छत पर सूख रहे कपड़े उतारने गई थी। जिले में हिंसक हो रहे बंदरों की वजह से आये दिन घटनाएं हो रही हैं। जिनमें तमाम लोगों की जान भी जा चुकी है लेकिन उसके बाद भी प्रशासन बंदरों को पकड़वाने के लिए ध्यान नहीं दे रहा है।
छिदकुरी गांव निवासी रामवीर राठौर की पत्नी जमुना देवी शाम को अपने दूसरी मंजिल की छत पर सूख रहे कपड़े उतारने के लिए गई थी। वहां बंदरों का झुंड पहुंच गया। बंदरों को देखकर वह घबरा गई। जैसे ही नीचे उतरने के लिए बढ़ी तो बंदरों ने हमला कर दिया जिससे वह छत से नीचे सड़क पर जा गिरी जिससे उनकी मृत्यु हो गई।
रविवार को स्वजन ने पुलिस को घटना के बारे में बताया जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। उनके चार बेटे रूपेश, शोभित, दीपू, अजय व दो बेटियां उर्वशी व अमृता हैं। बढ़ती घटनाओं पर सुप्रीम कोर्ट तक को संज्ञान लेना पड़ा।
सुप्रीम कोर्ट आबादी क्षेत्र से बंदरों को पकड़वाकर जंगल में छोड़ने के सख्त निर्देश दे चुका है लेकिन उसके बाद भी निकायों से लेकर गांव स्तर पर प्रशासन ने अब तक कोई इंतजाम नहीं कराए हैं।
13 से अधिक लोगों की जा चुकी जान
जिले में हिंसक हो रहे बंदरों के हमले से जनवरी 2025 से अब तक 13 से अधिक लोगों की जान जा चुकी हैं। 20 दिसंबर को जलालाबाद के खाईखेड़ा गांव निवासी कृषक पवन यादव के डेढ़ वर्षीय बेटे अंश के हाथ से बंदर ने झपट्टा मारकर बिस्किट छीना तो उसकी अपनी मौसी की गोद से गिरकर मृत्यु हो गई।
इसी तरह 15 दिसंबर को परौर के दसिया गांव में बंदरों के हमले से छत से गिरकर जसवीर के 11 वर्षीय बेटे प्रशांत की मृत्यु हो गई थी। नौ दिसंबर को जैतीपुर के खेड़ारठ गांव में मकान का छज्जा गिरने से उमेश की मृत्यु हो गई थी।
चार नवंबर को रोजा के देवरास गांव में बंदरों के हमले से जिलेदार के चार वर्षीय बेटे कार्तिक की जान चली गई थी। इसी तरह तमाम अन्य घटनाएं हो चुकी हैं।
यह भी पढ़ें- \“साहब बचा लो... पति कर सकता है मेरी हत्या\“, पति के टॉर्चर से परेशान महिला पहुंची थाने; लगाई सुरक्षा की गुहार
यह है नियम
बंदर पकड़ने के लिए निकायों को वन विभाग से अनुमति लेनी होती है। इसके बाद अपने स्तर से संस्था तय कर बंदर पकड़वाकर जंगल में छुड़वाने होते हैं। ये प्रक्रिया वन विभाग की टीम की देखरेख में होती है, ताकि किसी प्रकार की क्रूरता न हो। |
Related threads
- • सताने लगी गर्मी! 30 डिग्री के समीप पहुुंचा दिन का तापमान, आनेवाले दिनों में बढ़ेगा पारा
- • 24 फरवरी राशिफल: चंद्रमा पलटेंगे इन राशियों की किस्मत, क्या मंगल-राहु की चाल से बढ़ सकती हैं मुश्किलें?
- • लाल किला, सचिवालय, विधानसभा और दो स्कूलों को मिली बम से उड़ाने की धमकी, दिल्ली में हाई अलर्ट
- • Jharkhand Weather Update: बंगाल की खाड़ी के लो प्रेशर ने बदला माैसम का मिजाज, तेज हवा संग बारिश से बढ़ी ठंड
- • വ്യാപാരക്കരാർ: വോട്ടിങ് മാറ്റി യൂറോപ്പ്, യുഎസ് ഓഹരിക്ക് തകർച്ച, കുതിച്ച് സ്വർണം, ‘ഇറാൻ’ ചർച്ചയിൽ ഇടിഞ്ഞ് എണ്ണ, മുന്നേറാൻ ഇന്ത്യൻ വിപണി
|