search

पेयजल में मानव मल-मूत्र मिला होने से गईं 14 जानें, लैब जांच में सामने आया सच; ICU में कई मरीज भर्ती

Chikheang 2026-1-2 07:56:37 views 1243
  

पेयजल में मानव मल-मूत्र मिला होने से गईं 14 जानें, लैब जांच में सामने आया सच (फोटो- जेएनएन)



जेएनएन, इंदौर। देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के भागीरथपुरा में नर्मदा जल सप्लाई के नाम पर नागरिकों को मानव मल-मूत्र मिला पानी पिलाए जाने से 14 लोगों की मौत हुई है।

पानी की गुणवत्ता का सच गुरुवार को एमजीएम मेडिकल कॉलेज और नगर निगम की लैब में हुई सैंपल जांच रिपोर्ट में सामने आया। पानी में ई-कोलाई और शिगेला जैसे घातक बैक्टीरिया मौजूद थे, जो सीधे तौर पर मानव मल में पाए जाते हैं। इस भयावह लापरवाही की पुष्टि स्वयं कलेक्टर शिवम वर्मा ने की है। उधर, गुरुवार को एक और की मौत के साथ ही मरने वालों का आंकड़ा 14 हो गया है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
दूषित पानी से मोहल्ले के 100 से ज्यादा लोग बीमार पड़ गए थे

बता दें कि गत सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया था, जब दूषित पानी से मोहल्ले के 100 से ज्यादा लोग बीमार पड़ गए थे। मंगलवार को आठ लोगों की जान चली गई थी। अब तक करीब 2800 मरीज सामने आ चुके हैं। इनमें से 201 का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है।

32 मरीज आइसीयू में भर्ती हैं, जिनकी दशा गंभीर बताई जा रही है। गुरुवार को भी भागीरथपुरा में उल्टी-दस्त के मरीज सामने आए। हालांकि अधिकांश को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। इक्का-दुक्का मरीजों को ही भर्ती करना पड़ा।
सहायता राशि के चेक देते समय मंत्री को झेलना पड़ा आक्रोश

कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने गुरुवार को चार मृतकों के स्वजन को दो-दो लाख रुपये की सहायता राशि के चेक सौंपे। इस दौरान रहवासियों ने नाराजगी जताई और कहा कि शासन वास्तविक मौतों से कम आंकड़ा मान रहा है। इस दौरान उनके आक्रोश को मंत्री को झेलना पड़ा। विजयवर्गीय ने स्वीकार किया कि वास्तविक संख्या अधिक हो सकती है और डायरिया से हुई मौतों की जांच कर सहायता दी जाएगी।
एनएचआरसी ने मुख्य सचिव से दो सप्ताह में मांगी रिपोर्ट

मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने स्वत: संज्ञान लिया है। आयोग ने मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया है और दो सप्ताह में मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने कहा कि खबरों के मुताबिक लोग लगातार दूषित पानी की शिकायत करते रहे , लेकिन अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की।
आज पेश होगी स्टेटस रिपोर्ट

इस मामले में हाई कोर्ट में प्रस्तुत दो जनहित याचिकाओं में शुक्रवार को सुनवाई होगी। शासन को इन याचिकाओं में स्टेटस रिपोर्ट पेश करनी है। उसे कोर्ट में बताना है कि भागीरथपुरा दूषित पेयजल कांड में अब तक कितने मरीज मिले हैं। मरीजों के निशुल्क उपचार की क्या व्यवस्था की गई है।
like (0)
ChikheangForum Veteran

Post a reply

loginto write comments

Explore interesting content

Chikheang

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

0

Posts

1610K

Credits

Forum Veteran

Credits
162862