search

कफ सीरप तस्करी के आरोप में 10 हजार का इनामी सोनभद्र से गिरफ्तार, फर्जी तरीके से प्राप्त किया था ड्रग लाइसेंस

cy520520 2025-12-17 23:37:16 views 1169
  



जागरण संवाददाता, सोनभद्र। कफ सीरप तस्करों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई जारी है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा की ओर से गठित एसआइटी और राबर्ट्सगंज कोतवाली पुलिस ने 10 हजार के इनामी तस्कर मां कृपा मेडिकल के प्रोपराइटर व वाराणसी के गोला दीनानाथ कबीरचौरा निवासी सत्यम कुमार को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। वह राबर्ट्सगंज में अपने अधिवक्ता से मिलने जा रहा था। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

इस दौरान पुलिस ने उसे चंडी तिराहे के पास से पकड़ा। पुलिस अधीक्षक ने बुधवार को पुलिस लाइन के सभागार में पत्रकार वार्ता के दौरान सत्यम के गिरफ्तारी की जानकारी दी।

एसपी ने बताया कि पुलिस की संयुक्त टीम कोलकाता से कफ सीरप तस्करी के मास्टर माइंड वाराणसी के प्रहलाद घाट कायस्थ टोला निवासी भोला प्रसाद जायसवाल को न्यायालय के आदेश से चार दिन पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर रांची गई थी। वहां एसआइटी ने अवैध कफ सीरप आपूर्ति की जांच की। जांच में पता चला कि सत्यम कुमार ने राबर्ट्सगंज कोतवाली के बरकरा कम्हारी रोड के पते पर किराए का मकान लेकर मां कृपा मेडिकल के नाम से फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र व शपथ पत्र आदि दस्तावेज के आधार पर औषधि विभाग सोनभद्र से ड्रग लाइसेंस लिया था।

मां कृपा मेडिकल मौके पर स्थापित नहीं है। उस पते पर शैली ट्रेडर्स रांची झारखंड प्रोपराइटर भोला प्रसाद एवं शुभम जायसवाल से करीब छह करोड़ का फेंसाडिल कफ सीरप की खरीद दिखाया। फिर जनपद भदोही नई बाजार स्थित फर्जी फर्में आयुष इन्टरप्राइजेज, सनाया मेडिकल, दिलीप मेडिकल जो मौके पर स्थापित नहीं हैं, के नाम विक्रय दिखाकर उनके खातों से पैसे रोटेट कराते हुए प्राप्त कर लगभग छह करोड़ रुपये शैली ट्रेडर्स के खाते में ट्रांजेक्शन किया। जबकि मौके पर सीरप की शीशीयों का परिवहन होना नहीं पाया जा रहा है।

एसपी ने बताया कि आरोपित सत्यम ने जानकारी दी है कि उसके बुआ के लड़के भदोही के नई बाजार निवासी रवि गुप्ता ने उसके नाम पर मां कृपा मेडिकल व उसके भाई विजय गुप्ता के नाम पर शिविक्षा फार्मा स्थापित कराया। दोनों फर्मों के लिए ग्राम बरकरा, राबर्ट्सगंज, सोनभद्र में किराए पर दो कटरे की दुकान लेकर उसी पते पर औषधि निरीक्षक, सोनभद्र के कार्यालय से जनवरी 2024 में ड्रग लाइसेंस बनवाया।

मां कृपा मेडिकल के नाम पर शैली ट्रेडर्स, रांची झारखंड के पहले प्रोपराइटर भोला जायसवाल व दूसरे प्रोपराइटर उसके पुत्र शुभम जायसवाल से वर्ष 2024–2025 के दौरान करीब छह करोड़ का न्यू फेंसाडिल सीरप कागजों में खरीद दिखाया गया। उसके भाई विजय गुप्ता की फर्म शिविक्षा फार्मा के नाम से भी लगभग छह करोड़ का सीरप खरीद दिखाया गया। फिर इस सीरप को जनपद भदोही स्थित फर्जी फर्मों आयुष इंटरप्राइजेज, सनाया मेडिकल एवं दिलीप मेडिकल नई बाजार को कागजों में सप्लाई दिखाया गया।

सत्यम ने बताया कि उसे सीरप की प्रति शीशी क्रय-विक्रय पर एक रुपये का लाभ दिया जाता था, जिसे उसने प्राप्त किया है। उसने अपनी फर्म मां कृपा मेडिकल के नाम से शैली ट्रेडर्स से दर्शाई गई करीब छह करोड़ की क्रय राशि अपने बैंक खाते से इंडियन बैंक स्थित शैली ट्रेडर्स के खाते में ट्रांजेक्शन की। रवि गुप्ता मास्टर माइंड शुभम जायसवाल के साथ रहता था। उसी ने स्वयं व अन्य व्यक्तियों के नाम पर फर्जी फर्में खुलवाकर नगद धनराशि जमा कराई थी। जिसे विभिन्न फर्मों के खातों से शैली ट्रेडर्स के खाते में भेजवाया जाता था।

आरोपित ने बताया कि पूरा फर्जीवाड़ा केवल कागजों में किया जाता था। ई-वे बिल आदि मां कामाख्या एयर कार्गो ट्रांसपोर्ट, नीचीबाग, वाराणसी से प्राप्त कर लिए जाते थे, जिनकी प्रतियां उसके पास रहती थीं। दस्तावेजों की प्रतियां उसने औषधि निरीक्षक सोनभद्र को कोरियर के माध्यम से भेज दी हैं। पत्रकार वार्ता के दौरान सीओ सिटी रणधीर कुमार मिश्रा व अन्य मौजूद रहे।
एक नजर में कफ सीरप प्रकरण

  • 18 अक्टूबर को जनपद सोनभद्र में चेकिंग के दौरान दो कंटेनरों से कुल 1,19,675 शीशी लगभग 3.50 करोड़ रुपये की प्रतिबंधित कफ सीरप की शीशियां बरामद की गई थीं।
  • एक नवंबर को झारखंड के रांची में 134 पेटी में करोड़ों की कुल 13400 अवैध कफ सीरफ की शीशियां बरामद की गई थीं।
  • तीन नवंबर की रात में सोनभद्र पुलिस व गाज़ियाबाद पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में चार ट्रकों से 3.40 करोड़ रुपये की प्रतिबंधित कफ सीरप तथा 20 लाख फंडिंग की नकदी बरामद की गई थी।
like (0)
cy520520Forum Veteran

Post a reply

loginto write comments
cy520520

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

0

Posts

1510K

Credits

Forum Veteran

Credits
153737