deltin33 • 2025-12-16 07:36:04 • views 1190
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में अपना प्रोविजनल सर्टिफिकेट प्राप्त करने पहुंचे छात्र विक्की कुमार से एक कर्मचारी ने इसके बदले 500 रुपये की मांगे।
विद्यार्थी पैसा देने के बजाए सीधे छात्र संवाद पहुंच गया। विश्वविद्यालय गेस्ट हाउस में उस छात्र संवाद चल रहा था। छात्र ने इसकी शिकायत छात्र संवाद में की। छात्र के आवेदन को दुबारा संंबंधित सेक्शन में भेजते हुए उसे अविलंब सर्टिफिकेट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
रामेश्वर कॉलेज के छात्र विक्की ने बताया कि उसने 11 दिसंबर को प्रोविजनल सर्टिफिकेट के लिए आवेदन किया था। परीक्षा नियंत्रक डा. राम कुमार के नेतृत्व में पुराने गेस्ट हाउस में छात्र संवाद का आयोजन किया गया। इसमें करीब आठ से दस विद्यार्थी अपनी शिकायत लेकर पहुंचे।
दो मामले का आनस्पाट निपटारा किया गया। आइआइटी बांबे में फिजिक्स से एमएससी की पढ़ाई कर रहे छात्र को अंकपत्र की जरूरत थी। इस कारण वह कई महीनों से दौड़ रहा था। पिछले महीने टीडीसी पार्ट थर्ड का रिजल्ट जारी हुआ है।
विशेष परिस्थिति में अंकपत्र पर मार्क्सशीट नंबर चढ़ाकर उसे उपलब्ध कराया गया। परीक्षा नियंत्रक के निर्देश पर आइटी सेल के कर्मी अमन ने उसे दोपहर बाद अंकपत्र उपलब्ध करा दिया।
अंकपत्र नहीं मिलने की स्थिति में उसके नामांकन रद करने की चेतावनी दी गई थी। एमडीडीएम कालेज की छात्रा मोसिमा खातून ने कहा कि उसका अंकपत्र कालेज में पहुंच गया है लेकिन प्रोविजनल नहीं मिला है।
परीक्षा नियंत्रक से उसे मूल प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करने का सुझाव दिया। छात्रा पूनम कुमारी ने पार्ट थर्ड का अंकपत्र नहीं मिलने की शिकायत की। |
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