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शुभम जायसवाल के घर पर ईडी की जांच खत्‍म, टीम ने घर का हर कोना तलाशा

deltin33 2025-12-13 20:07:21 views 615
  

ईडी की कार्रवाई के बाद वाराणसी की दवा मंडी में पुलिस की छापेमारी से दहशत का माहौल है।



जागरण संवाददाता, वाराणसी। कोडीन कफ सिरप तस्करी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच दो दिन तक चली, जो तीस घंटे के बाद समाप्त हुई। शुभम जायसवाल के निवास पर ईडी की टीम ने हर कोने की गहनता से जांच की। रसोई से लेकर गमलों तक की पड़ताल की गई। शन‍िवार को दोपहर बाद ईडी की टीम बाहर न‍िकली तो पर‍िजनों ने भी राहत की सांस  विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

ईडी की टीम शुक्रवार को सुबह वाराणसी पहुंची, जहां उन्होंने दो हजार करोड़ रुपये के कफ सिरप तस्करी मामले की जांच शुरू की। जांच अधिकारियों ने शुभम जायसवाल के प्रह्लादघाट स्थित पुश्तैनी मकान, बादशाहबाग में उनके नए घर, दिवेश जायसवाल के खोजवां स्थित मकान और चार्टेड एकाउंटेंट विष्णु अग्रवाल के अन्पूर्णा एन्क्लेव अपार्टमेंट में एक साथ छापेमारी की।

यह कार्रवाई कई जगहों पर आधी रात तक चली। ईडी की टीम ने शुभम और दिवेश के घर के हर कोने की जांच की, जिसमें चावल की बोरी और किचन में रखे राशन के डिब्बे भी शामिल थे। उन्होंने पेड़-पौधों और गमलों को भी ध्यान से देखा। मकान की फाल सीलिंग और लाइटों की भी जांच की गई। दीवारों को ठोककर यह जानने का प्रयास किया गया कि कहीं तहखाना जैसी कोई संरचना तो नहीं है।

विष्णु अग्रवाल से पूछताछ केवल उनके चार्टेड एकाउंटेंट होने के कारण की गई। उनके घर से कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जब्त किए गए। जांच में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए ईडी की टीम के साथ केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स भी मौजूद थी। चर्चा है कि ईडी की टीम में झारखंड इकाई के लोग भी शामिल थे।

दूसरी ओर, वाराणसी की दवा मंडी में पिछले एक माह से दहशत का माहौल है। प्रदेश के सबसे बड़े दवा व्यापारी संगठन, ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स उत्तर प्रदेश ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर गंभीर संकट से अवगत कराया है। संगठन ने बताया कि वाराणसी की सप्तसागर दवा मंडी सहित पूरे प्रदेश में पिछले एक महीने से पुलिस की लगातार छापेमारी के कारण 1.30 लाख वैद्य दवा व्यापारी भय के साए में जी रहे हैं। सामान्य व्यापार ठप होने की कगार पर है।

संगठन के अध्यक्ष दिवाकर सिंह और महामंत्री सुधीर अग्रवाल ने पत्र में स्पष्ट किया कि वे नशे की दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ हैं, लेकिन बिना तकनीकी ज्ञान के पुलिस मनमाने ढंग से केस दर्ज कर निर्दोष व्यापारियों को जेल भेज रही है। वाराणसी में दवा व्यापारियों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। ईडी की जांच और पुलिस की छापेमारी ने व्यापारियों के मन में भय का माहौल पैदा कर दिया है। हालांक‍ि मुख्‍य आरोप‍ित अभी भी पकड़ से बाहर है।
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