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Uttarakhand: बूंखाल मेले में उमड़ा आस्था का जनसमुद्र, श्रद्धालुओं ने कालिंका माता से मांगी मनोकामनाएं

cy520520 2025-12-7 01:37:55 views 1192
  

खिर्सू के बूंखाल मेले में प्रीतम भरतवाण की प्रस्तुति पर थिरकते श्रद्धालु। जागरण



जागरण संवाददाता, पौड़ी: विकास खंड खिर्सू के बूंखाल स्थित कालिंका माता मंदिर परिसर में आस्था का जनसमुद्र उमड़ आया। यहां परिसर में एक दिवसीय बूंखाल मेले में क्षेत्र के गांवों से देवडोलियां पहुंची। सुबह से ही श्रद्धालु मां के दर्शन पूजन के लिए जुटने लगे। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

प्रसिद्ध लोक गायक पद्मश्री प्रीतम भरतवाण की भक्तिमय प्रस्तुतियों पर दर्शक झूमते नजर आए। इस दौरान बूंखाल कालिंका माता की नवरचित स्तृति भगवती तू दैणी होली का विमोचन किया गया। भरतवाण के इस भजन की प्रस्तुति पर श्रद्धालु भावुक नजर आए।

शनिवार को बूंखाल में कालिंका माता मंदिर में मुख्य पुजारी रमेश गोदियाल ने तड़के सुबह चार बजे माता का शृंगार का पूजा-अर्चना की। इसके बाद सुबह पांच बजे से मंदिर को श्रद्धालुओं के दर्शन-पूजन के लिए खोल दिया। यहां सुबह से ही श्रद्धालुओं की आस्था का जनसमुद्र उमड़ता चला आया।

पौड़ी, श्रीनगर, कोटद्वार, थलीसैंण, पाबौ सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने माता से मन्नते मांगी। क्षेत्र के मरोड़ा, नलई, मलुंड, गोदा सहित विभिन्न गांवों से ग्रामीण मां की डोलियां लाए और मां को यह डोलियां चढ़ाई। प्रदेश के शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत, पंतजलि योगपीठ के आचार्य बालकृष्ण ने कालिंका माता मंदिर पहुंच पूजा-अर्चना की।

इस मौके पर शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने कहा कि बूंखाल मेला सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपराओं को मजबूत करने वाला अद्वितीय समागम है। उन्होंने सुरक्षा, स्वास्थ्य, यातायात, शटल सेवा और अन्य सुविधाओं को उत्कृष्ट बताते हुए जिला प्रशासन की सराहना की। बताया कि बूंखाल कालिंका माता का नया भव्य व दिव्य मंदिर निर्माण कार्य अंतिम चरण चल रहा है।

इसके निर्माण के लिए पतंजलि के आचार्य बालकृष्ण ने पिछले साल 51 लाख रुपये की धनराशि ट्रस्ट को सौंपी थी। क्षेत्र के लोग अपना-अपना अमूल्य सहयोग दे रहे हैं, उसके लिए सभी का विशेष आभार व्यक्त करता हूं।

इस दौरान उन्होंने मेले में आए श्रद्धालुओं को भंडारे में प्रसाद भी वितरित किया। डा. रावत ने कहा कि क्षेत्र में दूर संचार कनेक्टीविटी की समस्या को दूर किए जाने के लिए जल्द ही एक टावर स्थापित किया जाएगा।

आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि बूंखाल मेला उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर है। कहा प्रदेश के शिक्षा मंत्री सामाजिक, धार्मिक और सनातन के लिए ऐतिहासिक काम कर रहे हैं। कार्यक्रम का संचालन विकास हंस व सतेंद्र रावत ने किया।

इस अवसर पर संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी, सीओ श्रीनगर अनुज कुमार, बूंखाल चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष प्रो. राजेंद्र सिंह नेगी, जिला पंचायत सदस्य राजेश्वरी देवी, भारत सिंह रावत, डा. शिवचरण नौटियाल, ब्लाक प्रमुख पाबौ लता रावत, ब्लाक प्रमुख खिर्सू अनिल भंडारी, जिलाध्यक्ष भाजपा कमल किशोर रावत, जिला महामंत्री गणेश भट्ट, मातवर सिंह रावत, संपत सिंह रावत, नरेंद्र रावत, दीपा रावत, नगर मंडल अध्यक्ष श्रीनगर विनय घिल्डियाल आदि मौजूद रहे।
यातायात प्रबंधन के लिए चलाई गई शटल सेवा

पौड़ी: बूंखाल मेले में यातायात के बेहतर प्रबंधन के लिए शटल सेवा का आयोजन किया। इसमें चोपड़ा से बूंखाल तक 40 टैक्सी-मैक्सी का संचालन किया गया। सेवा के तहत यात्री व निजी वाहनों को चोपड़ा में खड़ा किया गया।

इसके बाद शटल सेवा वाहनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को बूंखाल तक छोड़ा गया। जिससे यहां पहली बार पुलिस व स्थानीय प्रशासन को जाम की परेशानी से निजात मिली। साथ ही श्रद्धालुओं के लिए राहत भरा रहा।
भरतवाण की प्रस्तुतियों पर थिरके श्रद्धालु

पौड़ी: बूंखाल मेला में प्रसिद्ध लोकगायक व पद्मश्री प्रीतम भरतवाण की प्रस्तुतियों पर श्रद्धालु जमकर थिरकते रहे। उन्होंने जय दुर्गा भवानी स्तुति से कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद धवेड़ी लगोंदो, ओ मेरी मांजी, भगवती तू दैणी होली, कैलाश मां रौंदन शिवजी सहित अनेक प्रस्तुतियां दी। इस दौरान जागर की स्तुति पर श्रद्धालुओं पर पश्वा भी अवतरित हुए।

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