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भोजपुर में 9000 श्रमिकों का निबंधन रद होने का खतरा, 32000 उठा रहे योजनाओं का लाभ

deltin33 2025-12-6 20:08:39 views 1278
  

जिला श्रम कार्यालय में निबंधन कराते लोग। (जागरण)



जागरण संवाददाता, आरा। भोजपुर जिले में लगभग 9200 श्रमिकों का निबंधन रिन्यूअल नहीं होने के कारण उनपर निबंधन रद होने का खतरा मंडराने लगा है।

जब तक इन सभी का नवीनीकरण नहीं कराया जाएगा, तब तक इन्हें किसी भी प्रकार की योजनाओं का लाभ भी नहीं मिल पाएगा।

जिले में इसे लेकर श्रम विभाग लगातार जागरूकता अभियान चलाने के साथ विशेष कैंप लगाकर सभी का निबंधन अपडेट करवाने का प्रयास कर रहा है। मालूम हो पांच वर्ष में एक बार निबंधन का रिन्यूवल कराया जाना जरूरी है।  

चल रहे विशेष अभियान के दौरान जिले में अब तक 67,739 श्रमिकों का निबंधन हो चुका है। शेष बचे हुए लगभग 9200 श्रमिकों का निबंधन रिन्यूअल या अपडेट करने का तेजी से प्रयास सभी प्रखंडों के साथ जिला मुख्यालय के कार्यालय में आयोजित करते हुए विशेष कैंप में चल रहा है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

जिले में अब तक 67,739 निबंधित श्रमिकों में से 3261 के सभी कागजात अपडेट रहने के कारण उन्हें विभिन्न प्रकार की योजनाओं का लाभ भी दिया जा रहा है। रिन्यूअल का कार्य कोई भी श्रमिक स्वयं बायोमेट्रिक डिवाइस से या प्रखंड मुख्यालय के साथ जिला मुख्यालय में भी करा सकता है।

इसके लिए उसे 50 रूपये तक का भुगतान करना होगा। जिले में वैसे लोगों को असंगठित कामगार श्रमिक कहा जाता है जो भवन निर्माण एवं सड़क निर्माण कार्य में संलग्न अकुशल कोटी के कामगार हैं या राज्य मिस्त्री, राजमिस्त्री मिस्त्री का हेल्पर।

बढ़ई, लोहार, पेंटर, भवन में बिजली कार्य करने वाला इलेक्ट्रीशियन, भवन में कार्य करने सहायक, सेंटरिंग एवं लोहा बांधने वाला, कंक्रीट मिश्रण करने वाले, महिला कामगार, सड़क पुल एवं बांध निर्माण में लगे मजदूर, रोलर चालक, प्लंबर, पत्थर तोड़ने में लगे मजदूर, रेलवे टेलीफोन हवाई अड्डा निर्माण में लगे और अकुशल और अस्थाई कामगार समेत 20 प्रकार के कार्य करने वाले लोगों को असंगठित कामगार श्रमिक कहा जाता है।
नए निबंधन के लिए जरूरी कागजात

जो लोग भी असंगठित कामगार श्रेणी में आते हैं उन्हें नया निबंधन कराने के लिए शहरी क्षेत्र में श्रम अधीक्षक एवं ग्रामीण क्षेत्र के लिए श्रम परिवर्तन पदाधिकारी के पास निबंधन शुल्क 50 रूपये के साथ आधार कार्ड, बैंक पासबुक की छाया प्रति, 90 दिन कार्य करने का प्रमाण पत्र, स्व: घोषणा पत्र और रंगीन फोटो देना होगा। ये सभी कागजातों के साथ विभाग के पोर्टल पर भी ऑनलाइन आवेदन जमा किया जा सकता है।
श्रमिकों को 16 प्रकार की योजनाओं का मिलता है लाभ

श्रम संसाधन विभाग के द्वारा बिहार भवन एवं अन्य कर्मकार कल्याण बोर्ड के द्वारा निबंधित श्रमिकों को 16 प्रकार की योजनाओं का लाभ दिया जाता है।

जिसमें मुख्य रूप से विवाह के लिए वित्तीय सहायता, मातृत्व और पितृत्व लाभ, नगद पुरस्कार, शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता, भवन मरम्मत अनुदान योजना, साइकिल क्रय अनुदान योजना, पेंशन, विकलांगता पेंशन, पारिवारिक पेंशन, मृत्युलाभ, दाह संस्कार,औजार क्रय, वार्षिक चिकित्सा सहायता योजना, लाभार्थी चिकित्सा सहायता और वार्षिक वस्त्र सहायता योजना समेत कुल 16 योजनाएं शामिल हैं।

सभी का लाभ लेने के लिए कम से कम एक वर्ष पूर्व निबंधन होना जरूरी है। इन सभी में 1000 से लेकर 4 लाख तक का लाभ मिलता है।


जिले में जो लोग असंगठित कामगार की श्रेणी में आते हैं उन्हें अपना निबंधन कराने के लिए प्रखंड या जिला मुख्यालय से संपर्क करने के साथ सभी कागजातों के रहने पर ऑनलाइन भी कर सकते हैं। लगभग नौ हजार श्रमिक जल्द से जल्द अपना निबंधन रिनुअल करवा ले ताकि योजनाओं का लाभ मिलने में कोई दिक्कत ना हो।
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- सुजीत कुमार, श्रम अधीक्षक भोजपुर
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