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नैनीताल में जाम से मिलेगी निजात, इंटेलीजेंट ट्रैफिक मॉनिटरिंग सिस्टम से जुड़ेंगे शहर के पार्किंग स्थल

deltin33 2025-12-2 14:38:21 views 1275
  

प्रतीकात्मक तस्वीर



जागरण संवाददाता, नैनीताल। शहर में जाम की समस्या से निपटने के लिए सभी पार्किंग स्थलों को इंटेलीजेंट ट्रैफिक मॉनिटरिंग सिस्टम से जोड़ा जाएगा। आईजी की पहल पर आईआईटी रुड़की की ओर से पार्किंग स्थलों में सेंसर स्थापित करने का कार्य शुरु कर दिया गया है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

अगले एक सप्ताह में यह कार्य पूरा कर क्रिसमस से पूर्व ट्रायल किया जाएगा। सेंसर से पार्किंग स्थलों की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जा सकेगी। जिसके आधार पर शहर के भीतर प्रवेश करने वाले पर्यटक वाहनों को रोक व डायवर्ट कर यातायात नियंत्रित किया जा सकेगा।

सोमवार को अपने कार्यालय में आईजी रिद्धिम अग्रवाल ने पत्रकार वार्ता में कहा कि नैनीताल में जाम बड़ी चुनौती रहा है। जिसका सबसे बड़ा कारण पार्किंग स्थलों में मॉनिटरिंग सिस्टम का कमजोर होना है। पुलिस की ओर से शहर के पांच पार्किंग स्थलों क्रमश: मेट्रोपाेल, डीएसए, अशोक, सूखाताल, व रूसी बाईपास को मॉनिटरिंग सिस्टम से जोड़ा जा रहा है।

जिसके लिए आईआईटी रुड़की द्वारा पार्किंग में सेंसर लगाए जाने है। डीएसए व अशोक पार्किंग में सेंसर लगाने का कार्य पूरा कर लिया गया है। इसी सप्ताह कार्य पूरा कर इसका ट्रायल किया जाएगा। जिससे क्रिसमस व थर्टी फर्स्ट के समय इसका उपयोग किया जा सके।

रियल टाइम मॉनिटरिंग से मिल सकेगा पार्किंग उपलब्धता का आंकड़ा

आईजी ने बताया कि पार्किंग स्थलों में लगाए जा रहे सेंसर भीतर व बाहर आने जाने वाले वाहनों का आंकड़ा रखेंगे। पार्किंग क्षमता से प्रवेश करने वाले वाहनों का अंतर निकालकर पार्किंग उपलब्धता का आसानी से पता लगाया जा सकेगा। जिसके आधार पर ही पुलिस पर्यटक वाहनों को शहर में प्रवेश देगी। रियल टाइम मॉनिटरिंग होने से जाम की स्थिति से भी निपटा जा सकेगा।

एएनपीआर कैमरों से हो रही निगरानी, कर्मियों को दिया जाएगा प्रशिक्षण

आईजी ने बताया कि नैनीताल के सभी प्रवेश मार्गों में एएनपीआर कैमरे स्थापित कर लिए गए है। जिनसे निगरानी के साथ ही पर्यटक वाहनों का आंकड़ा जुटाया जा रहा है। क्रिसमस व थर्टी फर्स्ट को लेकर पुलिस की ओर से तैयारियां शुरु कर दी गई हैं।क्रिसमस व थर्टी फर्स्ट पर पर्यटन पुलिस तैनात करने के साथ ही तैनात कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।

मुख्य मार्गों के साथ ही शहर के भीतर क्यूआर कोड स्थापित किये जायेंगे। जिनको स्कैन कर पर्यटक पार्किंग, डेस्टिनेशन रूट व पर्यटन स्थलों की जानकारी ले सकेंगे। जिसके लिए भी सिस्टम बनाया जा रहा है। दस दिन पूर्व ही अन्य जिलों से अतिरिक्त फोर्स मंगाकर यातायात सुचारू किया जाएगा।
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