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कौन-सा कपड़ा 100% सूती होता है? शादियों में भी बढ़ने लगी डिमांड

Chikheang 2025-11-21 21:37:59 views 952
  



जागरण संवाददाता, लखनऊ। खादी वस्त्र नहीं, एक विचार है। आज खादी के कपड़े डिजाइनदार आ रहे हैं, लोग वैवाहिक कार्यक्रम में भी पहन रहे हैं। खादी का कपड़ा ही एक ऐसा कपड़ा है, जो सौ प्रतिशत सूती होता है। आज खादी एवं ग्रामोद्योग ने लोगों को रोजगार दिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आह्वान लोकल फार वोकल खूब सफल हो रहा है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

एक शब्द में कहा जा सकता है कि खादी ने लोगों को एक सूत्र में पिरोने का काम किया है। यह बातें खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री राकेश सचान ने गोमती नगर स्थित केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय में उत्तर प्रदेश खादी महोत्सव 2025 के उद्घाटन करने के दौरान शुक्रवार को कही।

उन्होंने कह कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने खादी के जरिए भारतीयों को एक सूत्र में बांधने का जो काम किया था, आज वह कारगर साबित हुआ है। आज स्वदेशी अपनाने पर जोर दिया जा रहा है, इसका भरपूर फायदा खादी एवं ग्रामोद्योग से जुड़े लोगों को मिल रहा है।

मंत्री ने आह्वान किया कि गोमती नगर स्थित संस्कृत विश्वविद्यालय में 21 से 30 नवंबर 2025 तक चलने वाले महोत्सव में अधिक से अधिक लोग आए। वहीं महोत्सव में न सिर्फ उत्तर प्रदेश से बल्कि राजस्थान के भी कुछ स्टाल लगाए गए हैं। कुल 160 स्टालों के जरिए उद्योगों को प्रदर्शित करने का काम किया गया है। स्टालों में साड़ियों से लेकर आचार, चमड़ा उद्योग, घरेलु उत्पाद भी हैं।

उन्होंने कहा कि आज खादी व ग्रामोद्योग से जुड़े उत्पाद अमेजान, फ्लिपकार्ट जैसे आनलाइन प्लेटफार्म पर भी खूब बिक रहे हैं। खादी ने वर्ष 2023-2024 में तीन लाख नब्बे हजार लोगों को रोजगार देने का काम किया। वर्ष 2024-2025 में 66,640 युवाओं को टूल किट्स देकर रोजगार से सीधे जोड़ने का काम किया।

आज सभी मंडलों में खादी एवं ग्रामोद्योग की प्रदर्शनी लगाई जा रही है। 18 मंडलों में 351 शिविरों के जरिए 17 हजार से अधिक लोगों को जोड़ने का काम किया गया है। इस मौके पर प्रमुख सचिव अनिल सागर, संयुक्त कार्यपालक अधिकारी संतोष यादव, जिला ग्रामोद्योग अधिकारी अवधेश कुमार गौतम, योजना अधिकारी राजेंद्र कश्यप भी मौजूद रहे।

उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोग हुए सम्मानित :
राज्य स्तरीय पुरस्कार पाने वालों में प्रथम पुरस्कार मेरठ के दीपक को मिला। इन्हें पुरस्कार राशि चालीस हजार, गोंडा की ममता को दूसरा पुरस्कार मिला और तीस हजार राशि और तीसरा पुरस्कार हाथरस के संजय सिंह को मिला। इन्हें तीस हजार की राशि देकर सम्मानित किया गया।

दोना मेकिंग पांच लोगों को दी गई :
रोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दोना मेकिंग मशीन शशि शुक्ला, पिंकी, उमाकांत, विद्यावती, हिन्दराज को दिया गया। वहीं पाप कान मशीन सोनी, अर्जुन, करन कुमार, अंकिता साहू को दी गई। इसी तरह हनी बाक्स राकेश वर्मा, गीता, शिवशंकर पटेल, अजय वर्मा और अनीता वर्मा को दी गई। विद्युत चलित चाक पुरस्कार स्वरूप जियाउलहक, शिव कुमार, अनुराग प्रजापति, पीयूष को दी गई।
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