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आतंकी डा. आदिल ने निकाह के लिए ली थी एक माह की छुट्टी और तैयार किया था दहशत फैलाने का प्लान

LHC0088 2025-11-13 18:08:18 views 1257
  

जम्मू-कश्मीर में डाक्टर आदिल के निकाह के दौरान आतंकियों ने दहशत फैलाने का प्लान तैयार किया। (प्रतीकात्मक फोटो)



जागरण संवाददाता, सहारनपुर। जम्मू-कश्मीर में डा. आदिल की चार अक्टूबर को निकाह के लिए 26 सितंबर को एक माह की छुट्टी लेकर चला गया था। करीब एक माह तक जम्मू-कश्मीर में रहा। इसी दौरान आतंकियों ने दहशत फैलाने का प्लान तैयार किया था। इसी बीच आतंकियों ने फौजियों को धमकाने वाले पोस्टर फंडिंग और विस्फोट करने का नेटवर्क तैयार किया। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

फरीदाबाद में आरडीएक्स की छिपाने की जिम्मेदारी पुलवामा के रहने वाले डा. मुजम्मिल को दी गई थी। 19 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर में जैश के पोस्टर चस्पा किए गए। इन पोस्टर चस्पा करने वालों में आतंकी डा. आदिल अहमद भी शामिल था। चार अक्टूबर को मनोचिकित्सक डा. रकैया से आदिल की शादी के बाद सभी आतंकी अपने-अपने ठिकाने पर पहुंचे गए थे।  

संपर्क रखने वालों की कुंडली खंगाल रही एटीएस : फेमस मेडिकेयर हास्पिटल के डायरेक्टर मनोज मिश्रा और डा. बाबर ने बताया कि सात माह से उनके हास्पिटल में डाक्टर आदिल कार्य कर रहा था। वह एकांत स्वभाव का था। किसी से अधिक बातचीत नहीं करता था। केवल चार मुस्लिम डाक्टर थे। जिनसे वह अधिक बातें करता था। एटीएस की टीम यह पता लगा रही है कि जनपद में और किन-किन डाक्टर के आतंकी आदिल के संपर्क थे। उनकी भी कुंडली खंगाली जा रही है।

साथियों संग हुक्के से धुआं उड़ाता दिख रहा डा. बाबर
सहारनपुर। आतंकी डा. आदिल अहमद से जुड़े नेटवर्क को खंगालने में लगी एसटीएफ, एटीएफ, एनआइए हरियाणा और जम्मू पुलिस लगातार सुराग तलाश रही है। इसी क्रम में एसटीएफ ने अस्पताल से तीन डाक्टर को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी।

बुधवार को डा. बाबर, डा. अतुर्रहमान और डा. असलम जैदी को कुछ राहत मिली, लेकिन अभी भी तीनों पर खुफिया एजेंसियों की नजर है। डाक्टर फेमस मेडिकेयर अस्पताल पहुंचे और मरीजों का उपचार किया। एसटीएफ को डा. बाबर की कुछ फुटेज और वीडियो भी मिली हैं। इन फुटेज और वीडियो में डाक्टर बाबर साथियों के साथ हुक्का पीते हुए धुआं उड़ाते दिखाई दे रहा है।

वीडियो में अलग-अलग स्थानों पर वह साथियों के साथ खूब मौज-मस्ती कर रहा है। तीनों डाक्टर आदिल की शादी में शामिल होने के बाद करीब पांच दिन जम्मू-कश्मीर में ही रुके थे। शादी चार अक्टूबर की थी और डाक्टर तीन दिन पहले ही पहुंच गए थे। एसटीएफ यह पता लगाने में जुटी है कि वहां रहते हुए वे किन-किन लोगों के संपर्क में आए थे और उनका आतंकी नेटवर्क से कोई संबंध तो नहीं है।
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