नई दिल्ली। भाजपा सांसद संबित पात्रा ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की निजी विदेश यात्रा में खर्च होने वाले पैसों के फंडिंग को लेकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने 54 विदेशों की यात्रा की। जिसमें 60 करोड़ रुपये खर्च हुए। हैरानी की बात यह है कि राहुल गांधी के आय का विवरण 11 करोड़ रुपये है ऐसे में उनके निजी यात्रा के दौरान फंडिंग कहां से हुई।
भाजपा सांसद संबित पात्रा ने 22 साल में उनकी 54 विदेश यात्रा का ब्योरा पेश करते हुए कहा कि मैं यह बताना चाहूंगा कि भारत की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी के प्रमुख नेता यानी विपक्ष के नेता राहुल गांधी लगभग 22 वर्षों से निर्वाचित पद पर हैं। इन 22 वर्षों में उन्होंने कितनी बार विदेश यात्रा की है। घोषित जानकारी और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, उन्होंने 54 विदेश यात्राएं की हैं। इनमें इटली, यूनाइटेड किंगडम, संयुक्त राज्य अमेरिका, जर्मनी, वियतनाम, कंबोडिया, सिंगापुर, बहरीन, मालदीव, कतर और संयुक्त अरब अमीरात की यात्राएं शामिल हैं और 3 मई, 2026 को 'एक्स' तथा अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित फुटेज के अनुसार, मस्कट और ओमान की उनकी अघोषित यात्राओं का भी खुलासा हुआ।
भाजपा सांसद ने कहा कि इनमें से ज्यादातर यात्राएं रिकॉर्ड पर हैं, जिनके सार्वजनिक होस्ट पेज, प्रेस यात्रा कार्यक्रम, संसदीय अनुपस्थिति के रिकॉर्ड और तस्वीरों के रूप में सबूत उपलब्ध हैं। मेरा कहने का मतलब यह है कि जहां ये यात्राएं सार्वजनिक थीं, वहीं इनके पीछे के फंडिंग के स्रोत सार्वजनिक नहीं हैं। अपनी हर विदेश यात्रा पर, उनके साथ लगभग 3-4 लोग गए हैं। उनकी विदेश यात्राओं का कुल खर्च 60 करोड़ रुपये रहा है। हमारे पास 2013-14 से 2022-23 तक राहुल गांधी की आय का विवरण है। 10 सालों में राहुल गांधी की आय 11 करोड़ रुपये थी। 11 करोड़ रुपये की आय के साथ, राहुल गांधी ने 60 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।
संबित पात्रा ने कहा कि पहला सवाल जो उठता है, वह विदेशी स्रोतों के बारे में है। जब कोई विदेश यात्रा करता है, चाहे वह सांसद हो, विधायक हो, या मंत्री, तो फंडिंग दो तरह की हो सकती है। या तो सरकार पूरी तरह से उस यात्रा को प्रायोजित करती है, या फिर उसकी फंडिंग किसी विदेशी स्रोत जैसे कि कोई विदेशी कंपनी, एजेंसी, या संगठन द्वारा की जाती है। यदि कोई विदेशी एजेंसी इसकी फंडिंग कर रही है, तो भारतीय कानून इस बारे में क्या कहता है। कानून यह कहता है कि 'विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम', जिसे आमतौर पर एफसीआरए 2010 के नाम से जाना जाता है, के तहत गृह मंत्रालय से पहले से अनुमति लेना अनिवार्य है। यह नियम विधायकों, न्यायाधीशों और सरकारी अधिकारियों पर लागू होता है।
भाजपा सांसद ने पूछा कि राहुल गांधी ने एफसीआरए के तहत क्या गृह मंत्रालय से अनुमति ली थी। विदेशी यात्राओं का जिक्र करते हुए संबित पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी ने विदेशी यात्रा के दौरान भारत की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया है। यह जगजाहिर है, किसी से छिपा नहीं है।

Deshbandhu Desk
BJP'Sambit PatraFunding of Rahul Gandhi's 54 Foreign Trips
Next Story |