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राफेल लेओ: 'मजबूत कद-काठी' का विंगर, जो 'पुर्त ...

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नई दिल्ली। पुर्तगाल के 'मजबूत कद-काठी' वाले विंगर राफेल लेओ ने अपनी तेज रफ्तार, ड्रिब्लिंग और आक्रामक खेल से फुटबॉल जगत में खास पहचान बनाई है। स्पोर्टिंग सीपी से करियर शुरुआत करने वाले राफेल लेओ ने बाद में एसी मिलान की तरफ से खेलते हुए अपनी चमक बिखेरी।
      10 जून 1999 को पुर्तगाल के अल्माडा में जन्मे राफेल लेओ ने महज 9 साल की उम्र में लिस्बन स्थित स्पोर्टिंग सीपी से अपना करियर शुरू किया था।
  लेओ बेनफिका की ओर से खेलना चाहते थे, लेकिन छोटी-सी उम्र में क्लब के साथ करार करने के बावजूद आखिरी क्षण में उन्होंने यह कदम वापस ले लिया, क्योंकि बेनफिका का प्रशिक्षण मैदान बहुत दूर था। परिवार इसका खर्च नहीं उठा सकता था। ऐसे में उन्होंने स्पोर्टिंग सीपी में शामिल होना ही सही समझा। उन्होंने क्लब की ओर से विभिन्न स्तरों को पार किया। करीब 10 साल बाद लेओ को फेइरेंस के खिलाफ एक मैच में ब्रायन रुइज की जगह वरिष्ठ टीम में डेब्यू का मौका मिला।




  हालांकि, एक विवादित घटना के बाद जून 2018 में लेओ को यह क्लब छोड़ना पड़ा। ट्रेनिंग के दौरान कुछ लोगों ने उनके साथ कई अन्य खिलाड़ियों पर हमला कर दिया था। इस हमले में कई खिलाड़ी और कर्मचारी घायल हुए, जिसे देखकर लेओ ने क्लब को छोड़ने का फैसला किया। उसी साल लेओ ने क्लब के साथ अपने कॉन्ट्रैक्ट को खत्म कर दिया।
  इस क्लब को छोड़ने के बाद उन्हें फ्रांस के लिले ओएससी क्लब से कॉन्ट्रैक्ट मिला। अपने पहले ही सीजन में लेओ ने लीग-1 के 26 मुकाबलों में 8 गोल और 2 असिस्ट दिए। उनके इस शानदार प्रदर्शन ने टीम को यूईएफए चैंपियंस लीग के लिए क्वालीफाई करने में मदद की।




  अगस्त 2019 में लिले ने इटली के एसी मिलान के साथ 35 मिलियन यूरो की कथित फीस और 20 प्रतिशत सेल-ऑन क्लॉज के साथ 5 साल का कॉन्टैक्ट किया। उन्होंने टीम को चैंपियंस लीग में पहुंचने में मदद करते हुए सेरी-ए का खिताब दिलाया।
  लेओ न सिर्फ निर्णायक पास देने में माहिर हैं, बल्कि अपनी ड्रिबलिंग से विरोधी टीम की रक्षा-पंक्ति को भेद सकते हैं। लेओ जवाबी हमले के दौरान गेंद को आगे ले जाने का जरिया बनने के साथ, शानदार गोल दागने की काबिलियत रखते हैं। 20 दिसंबर 2020 को सीरी ए के मैच में सासुओलो के खिलाफ लेओ ने किक-ऑफ के सिर्फ 6.2 सेकंड में ही शानदार गोल दागकर अपनी टीम को बढ़त दिला दी थी।




  फैंस राफेल लेओ को 'पुर्तगाली एम्बाप्पे' बताते हैं, क्योंकि दोनों ही फॉरवर्ड खिलाड़ियों में तेज गति और बेहतरीन ड्रिबलिंग के साथ गोल करने की समानताएं हैं।
  इस 26 वर्षीय खिलाड़ी को फुटबॉल के साथ संगीत में भी दिलचस्पी है। उनका 'डब्ल्यूएवाई 45' नाम से एक यू-ट्यूब चैनल है, जिसमें उनके द्वारा कंपोज किए गए गाने हैं। राफेल लेओ एक ही सीजन में 10 या उससे ज्यादा गोल करने वाले सबसे युवा पुर्तगाली खिलाड़ी हैं। एसी मिलान की तरफ से खेलते हुए 2 मई 2022 को उन्होंने फियोरेंटीना के खिलाफ गोल दागकर इतिहास रचा था।




  यूरोपीय अंडर-17 चैंपियनशिप 2016 का खिताब जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे लेओ ने 9 अक्टूबर 2021 को पुर्तगाल की सीनियर राष्ट्रीय टीम के लिए अपना पहला मैच खेला था।
  फीफा वर्ल्ड कप 2026 में पुर्तगाल की टीम बेहद दिलचस्प है। क्रिस्टियानो रोनाल्डो के नेतृत्व वाली इस टीम ने साल 2025 में अपना दूसरा नेशंस लीग खिताब जीता है। फिलहाल यूरोप की सबसे मजबूत टीमों में एक पुर्तगाल, फीफा विश्व कप के खिताबी जीत के सूखे को खत्म करने के इरादे से उतरेगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि फीफा वर्ल्ड कप 2022 और यूईएफए 2024 के लिए पुर्तगाली टीम का हिस्सा रहे राफेल लेओ अपने देश के लिए इस सपने को साकार कर सकेंगे या नहीं?






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