माओवादी देवजी ने किया सरेंडर। (फाइल फोटो)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रतिबंधित संगठन भाकपा (माओवादी) को एक बड़ा झटका देते हुए शीर्ष कमांडर और मुख्य रणनीतिकार थिप्पिरी तिरुपति उर्फ देवजी ने तेलंगाना पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है।
62 वर्षीय देवजी तेलंगाना के जगतियाल जिले के निवासी हैं और उन पर एक करोड़ रुपये का इनाम था। देवजी को मई 2025 में अंबाला केशव राव (बासवराजू) की मृत्यु के बाद संगठन का संभावित उत्तराधिकारी माना जा रहा था।
अन्य कैडरों ने भी डाले हथियार
वे पार्टी की सेंट्रल कमेटी और पोलित ब्यूरो के प्रमुख सदस्य थे। उन्होंने \“पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी\“ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। देवजी के साथ वरिष्ठ नेता मल्ला राजी रेड्डी और कई अन्य कैडरों ने भी हथियार डाले हैं। यह आत्मसमर्पण केंद्र सरकार द्वारा देश से माओवाद खत्म करने के लिए तय की गई मार्च 2026 की समय सीमा से ठीक पहले हुआ है।
588 माओवादी सामान्य जीवन में लौटे
तेलंगाना के डीजीपी बी. शिवधर रेड्डी ने हाल ही में माओवादियों से मुख्यधारा में लौटने की अपील की थी। राज्य सरकार की \“आत्मसमर्पण और पुनर्वास योजना\“ के तहत उन्हें सहायता प्रदान की जाएगी। पिछले दो वर्षों में तेलंगाना पुलिस के प्रयासों से अब तक 588 माओवादी सामान्य जीवन में वापस लौट चुके हैं।
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