अदाणी के बाद अंबानी ने भी किया AI में बड़े निवेश का एलान
नई दिल्ली। अदाणी ग्रुप (Adani Group) ने मंगलवार को एलान किया कि वह 2035 तक भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के लिए डेटा सेंटर बनाने के लिए $100 बिलियन (9.09 लाख करोड़ रुपये) का निवेश करेगा। ये डेटा सेंटर रिन्यूएबल एनर्जी से चलेंगे। कंपनी ने एक बयान में कहा कि इस निवेश का मकसद जरूरी एनर्जी और कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म बनाकर भारत को AI में लीडर बनाना है। अब इसके बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने गुरुवार को एलान किया कि उनका ग्रुप AI में सात वर्ष में 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगा।
AI का बेस्ट रूप अभी आना बाकी!
‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ 2026 (India AI Impact Summit 2026) में अंबानी ने कहा कि एआई का बेस्ट रूप अभी आना बाकी है और एआई में जोरदार ग्रोथ का युग लाने की क्षमता है। उन्होंने कहा कि दुनिया एआई को लेकर दोराहे पर खड़ी है। जहां एक रास्ता दुर्लभ, महंगी एआई और कंट्रोल्ड डेटा की ओर ले जाता है जबकि दूसरा रास्ता सस्ता और सुलभ एआई पेश करता है।
‘कंप्यूटिंग’ की हाई कॉस्ट ज्यादा बड़ी चुनौती
अंबानी ने कहा, ‘‘ जियो, रिलायंस के साथ मिलकर इस साल से अगले सात वर्ष में 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगी। यह कोई स्पेक्यूलेटिव निवेश नहीं है। यह मूल्य वृद्धि के लिए नहीं है। यह धैर्यपूर्ण, अनुशासित राष्ट्र निर्माण में लगाई जा रही पूंजी है।’’
उन्होंने कहा कि एआई में सबसे बड़ी बाधा प्रतिभा की कमी नहीं, बल्कि ‘कंप्यूटिंग’ की उच्च लागत है।
क्या करेगी जियो इंटेलिजेंस?
अंबानी ने कहा कि ‘‘जियो इंटेलिजेंस, भारत का सॉवरेन कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करेगी।’’ इसमें गीगावाट क्षमता वाले डेटा सेंटर शामिल हैं। अंबानी ने कहा कि जियो ने भारत को इंटरनेट युग से जोड़ा और अब यह इसे इंटेलिजेंस के युग से जोड़ेगी।
उन्होंने कहा, ‘‘हम हर नागरिक, हर क्षेत्र और सामाजिक विकास के हर पहलू तक इंटेलिजेंस (एआई) पहुंचाएंगे। जियो यह सब उसी विश्वसनीयता, व्यापकता और बेहद किफायती कीमत के साथ करेगा, जिससे उसने कॉन्टैक्ट सेक्टर (मोबाइल डेटा) में क्रांति ला दी थी।’’
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