सांकेतिक तस्वीर।
जागरण संवाददाता, आगरा। उप्र माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाएं 18 फरवरी से आरंभ हो रही हैं। अब इसमें नकल की परिभाषा सिर्फ पर्ची या मोबाइल तक सीमित नहीं होगी।
नए अधिनियम में प्रश्नपत्र लीक या साझा करने, उत्तर पुस्तिका या ओएमआर में छेड़छाड़, अभ्यर्थी की जगह दूसरे को बैठाना, परीक्षा सर्वर, डिजिटल सिस्टम से छेड़छाड़, संगठित साल्वर गिरोह चलाना जैसी मामलों को गंभीर अपराध माना जाएगा।
नकल रोकने को 1998 के स्थान पर 2024 अधिनियम लागू
यह बदलाव इसलिए हो रहा है क्योंकि शासन और बोर्ड नने निर्णय लिया है कि इस वर्ष की बोर्ड परीक्षा में 1998 के अनुचित साधन निवारण कानून के अंतर्गत कार्रवाई नहीं की जाएगी, बल्कि उससे अधिक सख्त उप्र सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम, 2024 को लागू कर दिया है। इस कारण इस वर्ष परीक्षा में सुरक्षा व्यवस्था पहले से अधिक सख्त और तकनीकी निगरानी में रहेगी।
संगठित नकल, पेपर लीक के साथ उत्तरपुस्तिका में रुपये रखने पर भी होगी कड़ी कार्रवाई
नए अधिनियम में प्रश्नपत्र लीक करने से लेकर उत्तर पुस्तिका या ओएमआर शीट से छेड़छाड़, दूसरे को अभ्यर्थी बैठाना (साल्वर), परीक्षा सर्वर या डिजिटल माध्यम से गड़बड़ी करना और संगठित साल्वर गिरोह चलाने को भी गंभीर अपराध माना गया है। ऐसे मामलों में एक करोड़ रुपये का जुर्माना, एक वर्ष तक की जेल के साथ लापरवाही करने वाले केंद्र को हमेशा के लिए डिबार करने जैसे सख्त प्रविधान शामिल हैं।
पूरी परीक्षा प्रणाली अब कानूनी दायरे में
मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक डॉक्टर मुकेश चंद अग्रवाल ने बताया कि नया अधिनियम सिर्फ कक्ष में होने वाली नकल तक सीमित नहीं है, पूरी परीक्षा प्रणाली यानि प्रश्नपत्र छपाई, परिवहन, केंद्र प्रबंधन और डिजिटल सिस्टम को कानूनी दायरे में ले आया है। इसका उद्देश्य परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता को सुनिश्चित करना है। अधिनियम में अनुचित साधन शब्द की परिभाषा को भी व्यापक रूप देते हुए ऐसे मामलों में कठोर दंड और भारी जुर्माने का प्रविधान किया गया है।
सामान्य छात्र पर सीधे आपराधिक धाराएं लागू नहीं होंगी
- बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि सामान्य छात्र पर सीधे आपराधिक धाराएं लागू नहीं होंगी।
- यदि परीक्षार्थी नकल करते पकड़ा गया, तो संबंधित विषय की उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन निरस्त करते हुए नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
- कठोर दंड मुख्य रूप से संगठित अपराध, पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली से छेड़छाड़ करने वालों के लिए लागू रहेंगे।
- परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के व्यापक प्रबंध होंगे।
- प्रश्नपत्र वितरण को सुरक्षित शृंखला में रखा गया है।
- केंद्रों पर नियंत्रण कक्ष और हेल्पलाइन सक्रिय रहेंगे।
- निरीक्षकों की पहचान सुनिश्चित करने के साथ सभी केंद्रों पर सीसीटीवी और वायस रिकार्डिंग सिस्टम से भी निगरानी की व्यवस्था की गई है।
पारदर्शी होगी प्रणाली
मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक कहना है कि यह सख्ती विद्यार्थियों को भयभीत करने के लिए नहीं, ईमानदार, निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली स्थापित करने के उद्देश्य से की जा रही है। परीक्षार्थियों से अपील की है कि वह आत्मविश्वास और परिश्रम के दम पर परीक्षा दें, क्योंकि अब परीक्षा प्रणाली में किसी भी प्रकार की अनियमितता के लिए कोई स्थान नहीं होगा। |