दिल्ली के श्रेयस मिश्रा सहित 12 छात्रों ने 100% स्कोर किया
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। आइआइटी सहित इंजीनियरिंग कालेजों में प्रवेश से जुड़ी संयुक्त प्रवेश परीक्षा-मुख्य ( जेईई मेन)-2026 के पहले सत्र में दिल्ली के श्रेयस मिश्रा सहित 12 छात्रों ने शत-प्रतिशत स्कोर हासिल किया है।
इनमें तीन छात्र अकेले राजस्थान के है, जबकि दो आंध्र प्रदेश से और एक-एक दिल्ली, बिहार, ओडिशा, गुजरात ,हरियाणा, महाराष्ट्र और तेलंगाना से हैं। इनमें सभी पुरुष है। वहीं शत- प्रतिशत स्कोर हासिल करने वाले छात्रों में उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य से एक भी छात्र जगह नहीं बना पाया है।
दिल्ली के श्रेयस मिश्रा सहित 12 छात्रों ने 100% स्कोर किया
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी( एनटीए) ने जेईई मेन के पहले सत्र का परिणाम सोमवार को घोषित करने के साथ परीक्षा में शत- प्रतिशत स्कोर हासिल करने वाले छात्रों की सूची भी जारी की है। इस परीक्षा के लिए वैसे तो 13.55 लाख छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराए थे, लेकिन परीक्षा में इनमें 13.04 लाख छात्र ही शामिल हुए थे।
इस परीक्षा का आयोजन देश के 326 शहरों के 658 परीक्षा केंद्रों पर 21 से 28 जनवरी के बीच हुआ था। वहीं इस परीक्षा का आयोजन देश के बाहर भी 15 विदेशी शहरों में हुआ था। इनमें दोहा, दुबई, काठमांडू, मस्कट, रियाद, शारजहां, सिंगापुर, कुवैत सिटी, लागोस, क्वालालमपुर, अबूधामी आदि शामिल है।
गौरतलब है कि जेईई मेन के परिणाम का स्कोर मिले हुए मार्क्स के परसेंटेज जैसा नहीं होता, बल्कि नॉर्मलाइजेशन स्कोर होता है। जिसे परसेंटाइल कहा जाता है।
13 भाषाओं में आयोजित की गई थी परीक्षा
एनटीए ने मुताबिक परीक्षा का आयोजन 13 भाषाओं में किया गया था। इनमें अंग्रेजी, असमी, बंगाली, गुजराती, हिंदी, कन्नड, मलयालम, मराठी, ओडिया, पंजाबी, तमिल, तेलगु व उर्दू शामिल है।
परीक्षा पर नजर रखने के लिए बना था सेंट्रल कंट्रोल रूम
परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी पर नजर रखने के लिए एनटीए ने इस बार पुख्ता इंतजाम किए थे। इसके लिए एक सेंट्रल कंट्रोल रूम बनाया गया था। जहां से देश व विदेश के सभी परीक्षा केंद्रों पर सीधे नजर रखी जा रही है। इसके साथ ही परीक्षा का जिम्मेदारी राज्यों के जिला स्तर के शीर्ष अधिकारियों को दी गई है।
परीक्षा से जुड़ी प्रक्रिया को फुलप्रूफ बनाने के लिए एनटीए ने पहली बार ओटीपी बेस्ड आधार का ई-केवायसी शुरू किया था। इसका मकसद परीक्षा में शामिल होने वाले फर्जी या नकली आवेदकों को रोकना शामिल है। |