शहर में पेयजल संकट होने पर लाेगों को मजबूरन पानी टैंकरों से खरीदना पड़ता है। जागरण आर्काइव
संदीप रतन, गुरुग्राम। साइबर सिटी में इस साल गर्मियों में पेयजल संकट से निपटने के लिए गुरुग्राम मेट्रोपालिटन डेवलपमेंट अथारिटी (जीएमडीए) ने तैयारी कर ली है। चंदू बुढ़ेड़ा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की निर्माणाधीन पांचवीं यूनिट मई महीने में चालू हो जाएगी।
इससे गुरुग्राम शहर को सौ एमएलडी अतिरिक्त पेयजल मिलेगा, जिससे गर्मी के दिनों में पेयजल संकट से निपटने में मदद मिलेगी। इतना ही नहीं भविष्य की याेजनाओं के लिए चंदू–बुढेड़ा व बसई वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में नई यूनिटें स्थापित करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
मई 2026 से लेकर अप्रैल 2028 तक शहर को कुल 300 एमएलडी अतिरिक्त नहरी पेयजल मिलने लगेगा। इससे गर्मियों में 700 एमएलडी से अधिक पहुंच जाने वाली मांग को पूरा करने में बड़ी मदद मिलेगी और 40 लाख लोगों को भूमिगत पेयजल या टैंकरों के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा।
तेजी से चल रहा काम
जीएमडीए के अधिकारियों के अनुसार चंदू–बुढेड़ा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में पांचवीं यूनिट स्थापित करने का कार्य तेजी से चल रहा है। इस यूनिट के तैयार हो जाने पर प्लांट की क्षमता में 100 एमएलडी की बढ़ोतरी होगी।
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विभाग के अनुसार काम तय समयसीमा के भीतर चल रहा है और मई 2026 में यह पूरी तरह संचालित कर दी जाएगी। इससे पहले मई 2025 में जीएमडीए ने चंदू प्लांट में सौ एमएलडी यूनिट का शुभारंभ किया था, जिससे गर्मी के दिनों में पेयजल संकट से काफी राहत मिली थी।
जीएमडीए के एक्सईएन अभिनव वर्मा ने बताया कि चंदू और बसई प्लांट की क्षमता बढ़ाने का कार्य लगातार जारी है ताकि शहर की बढ़ती आबादी के लिए जलापूर्ति बेहतर हो। दो साल में नई यूनिट स्थापित होने के बाद प्लांटों की क्षमता बढ़ जाएगी और पानी की कमी नहीं रहेगी।
दिसंबर 2027 में चालू होगी छठी यूनिट
चंदू प्लांट में 100 एमएलडी क्षमता वाली छठी यूनिट भी स्थापित की जाएगी। इसके लिए जीएमडीए को मंजूरी मिल चुकी है। अधिकारियों के अनुसार इस यूनिट पर लगभग 54 करोड़ रुपये खर्च आएगा और यूनिट दिसंबर 2027 तक चालू हो जाएगी।
- 100 एमएलडी चंदू–बुढेड़ा की पांचवीं यूनिट मई 2026 में तैयार होगी
- 100 एमएलडी चंदू–बुढेड़ा की छठी यूनिट का टेंडर होगा, लागत 54 करोड़
- 166 करोड़ रुपये बसई की चाैथी यूनिट की अनुमानित लागत
- 100 एमएलडी बसई की चौथी यूनिट की क्षमता, अप्रैल 2028 तक तैयार होगी
- 670 एमएलडी फिलहाल शहर को मिल रहा नहरी जल
- 700 एमएलडी से ज्यादा गर्मियों में गुरुग्राम में पानी की मांग
- 300 एमएलडी नई यूनिटों से मिलने वाली अतिरिक्त क्षमता
बसई में स्थापित होगी चौथी यूनिट
शहर के दूसरे बड़े स्रोत बसई वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में भी विस्तार की तैयारी शुरू कर दी गई है। बसई में सौ एमएलडी क्षमता की चाैथी यूनिट स्थापित की जाएगी। इसके लिए जीएमडीए ने टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इस यूनिट की अनुमानित लागत 166 करोड़ रुपये तय की गई है। यहां पर पानी स्टाेरेज टैंक का निर्माण भी किया जाएगा। यह यूनिट अप्रैल 2028 तक तैयार होकर शहर को जलापूर्ति शुरू कर देगी।
670 एमएलडी मिल रहा नहरी पेयजल
चंदू–बुढेड़ा और बसई प्लांट मिलकर वर्तमान में गुरुग्राम को कुल 670 एमएमएलडी नहरी पेयजल उपलब्ध करा रहे हैं। लेकिन शहर की जनसंख्या और निर्माण गतिविधियों में तेज बढ़ोतरी के कारण गर्मियों में मांग बढ़कर 700 एमएलडी से ऊपर पहुंच जाती है।
इस वजह से कई सेक्टरों में सप्लाई कम हो जाती है और अंतिम छोर के क्षेत्रों में पानी का संकट गहरा जाता है।
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