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72 साल की बुजुर्ग महिला हुई साइबर ठगी का शिकार, जालसाजों ने डिजिटल अरेस्ट कर की ₹33 लाख की ठगी

LHC0088 2026-2-14 01:57:13 views 1155
  

प्रतीकात्मक तस्वीर



जागरण संवाददाता, आगरा। खंदारी क्षेत्र स्थित एक अपार्टमेंट में रहने वाली वृद्धा को साइबर अपराधियों ने डिजिटल अरेस्ट करके 33 लाख रुपये अपने खाते में जमा करा लिए। टेलीकॉम विभाग की अधिकारी बनकर पीड़िता को कॉल किया। कहा कि उसके विरुद्ध मनी लांड्रिंग का मुकदमा दर्ज है। साइबर अपराधियों ने दो बार में अपने खातों में रकम हस्तांतरित करा ली और अधिक रकम की मांग करने पर पीड़िता को ठगी का शक होने पर साइबर थाने में शिकायत की।

खंदारी क्षेत्र स्थित अपार्टमेंट निवासी 72 वर्ष की प्रमोद कुमारी ने साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। पीड़िता के अनुसार आठ दिसंबर की शाम करीब पांच बजे उनके नंबर पर व्हाट्सएप कॉल आयी। कॉल करने वाली महिला ने अपना नाम प्रिया शर्मा बताया।

कहा कि वह टेलीकॉम विभाग नई दिल्ली से बोल रही है, उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज है। प्रमोद कुमारी से कहा कि वह डिजिटल अरेस्ट हैं, कहीं बाहर नहीं जाएंगी। जिससे वह दहशत में आ गईं, रोने लगीं। जिस पर अधिकारी बनकर बात करने वाली साइबर अपराधी ने कहा कि उसकी बात मानने पर वह कार्रवाई से बच जाएंगी। जिसके बाद प्रमोद कुमारी के खाते से नौ दिसंबर 2025 को 23 लाख रुपये और 10 दिसंबर को 10 लाख रुपये अपने खातों में हस्तानांतरित करा लिए।

चैनल सब्सक्राइब्स कराने के नाम पर 11 लाख ठग लिए

पार्ट टाइम नौकरी के नाम पर टेलीग्राम चैनल की स्क्रीन सब्सक्राइब्स कराने पर कमाई का लालच देकर साइबर अपराधियों ने युवक से 11.31 लाख रुपये ठग लिए। पीड़ित ने साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।

एत्माद्दौला के हनुमान नगर में किराए पर रहने वाले एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते हैं। वह मूलरूप से सुल्तानपुर के सालनपुर के रहने वाले हैं। शैलेंद्र के अनुसार चार जनवरी को उनका व्हाट्सएप नंबर अपरिचित ने अपने ग्रुप में जोड़ लिया। उन्हें मैसेज करके कहा कि पार्ट टाइम नौकरी करने पर वह अतिरिक्त कमाई कर सकते हैं। जिसके बाद उन्हें टेलीग्राम से जुड़ने को कहा गया।

टेलीग्राम से जुड़ने पर उन्हें एक चैनल सब्सक्राइब्स कराया। उसकी स्क्रीन शेयर करने को कहा, हर शेयर पर 200 रुपये मिलना बताया। उनके खाते में कई बार 600-600 रुपये भेजे गए। एक दिन उनसे दो हजार रुपये जमा कराके 2,800 रुपये वापस कर दिए। जबकि पांच हजार जमा कराके 8,060 रुपये लौटा दिए।

शैलेंद्र के अनुसार साइबर अपराधियों ने उनका विश्वास जीतने के बाद एक बार 15 हजार और दूसरी बार 42 हजार रुपये जमा कराए। रकम लौटाने की कहने पर वेबसाइट में गड़बड़ी बताते हुए किस्तों में 11.31 लाख रुपये अलग-अलग खातों जमा करा लिए। 24 जनवरी को 20 हजार रुपये और जमा कराने को कहा तो पीड़ित को शक हुआ और उसने साइबर क्राइम थाने में शिकायत की।
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