बीती शाम सर्बजीत कौर को महिला आश्रय गृह से रिहा कर दिया गया।
जागरण संवाददाता, अमृतसर। भारत से सिख तीर्थयात्रियों के जत्थे के साथ पाकिस्तान गई सरबजीत कौर अब शेखूपुरा स्थित अपने पति के घर पहुंच गई हैं। धर्म परिवर्तन के बाद नूर फातिमा नाम रखने वाली सरबजीत को लाहौर के महिला आश्रय गृह (दारुल अमन) से रिहा कर दिया गया। उनके वकील अहमद हसन पाशा के अनुसार संबंधित अधिकारियों ने उन्हें घर जाने की अनुमति दे दी है।
सरबजीत 4 नवंबर को जत्थे के साथ पाकिस्तान पहुंची थीं और उनका वीजा 13 नवंबर को समाप्त हो गया था। वह भारत वापस नहीं लौटीं। इसके बाद उन्होंने इस्लाम धर्म अपनाकर शेखूपुरा निवासी नासिर हुसैन से निकाह कर लिया। मामला तब और गंभीर हो गया जब 4 जनवरी को उन्हें ननकाना साहिब जिले से गिरफ्तार कर लाहौर भेजा गया।
उन्हें वाघा सीमा के रास्ते भारत भेजने की तैयारी थी, लेकिन अंतिम समय में उन्होंने वापसी से इंकार कर दिया, जिससे प्रक्रिया रोक दी गई।
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8 साल से चल रहा प्यार, फेसबुक पर मिली
सरबजीत कौर और उसके पति नासिर हुसैन ने बताया कि उनका प्यार 8 साल पुराना है। 8 साल पहले वे एक दूसरे के साथ फेसबुक पर मिले थे। सर्बजीत कौर ने मीडिया से बातचीत में कह-
“उसके मुंह में दांत ना भी रहते, तो भी वह पाकिस्तान आती। उसका प्यार आज का नहीं, 8 साल पुराना है। मैं बाकी की जिंदगी पाकिस्तान में खुशी के साथ रहूंगी।“
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राजनीतिक आधार पर नहीं किया जा सकता डिपोर्ट
एवेक्यू ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड की अधिसूचना के मुताबिक पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि सरबजीत कौर को राजनीतिक आधार पर निर्वासित (डिपोर्ट) नहीं किया जा सकता। वहीं पिछले महीने पाकिस्तान के गृह राज्य मंत्री तलल चौधरी ने भी मानवीय आधार पर उनके मामले पर विचार करने की बात कही थी।
15 नवंबर को एक वीडियो सामने आया, जिसमें सरबजीत मौलवी से इस्लाम कबूल करने की इच्छा जताती दिखीं। उन्होंने कहा कि वह नासिर को आठ साल से जानती हैं और उससे प्रेम करती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनका पहले ही तलाक हो चुका है।
इमिग्रेशन फॉर्म में खामियां
निकाह के बाद जब उनके दस्तावेजों की जांच हुई तो सामने आया कि पाकिस्तानी इमिग्रेशन फॉर्म में राष्ट्रीयता और पासपोर्ट नंबर जैसी अहम जानकारियां अधूरी थीं। इससे सुरक्षा एजेंसियों के लिए उन्हें ट्रेस करना मुश्किल हो गया। बताया जाता है कि निकाह के बाद वह नासिर के साथ छिपकर रह रही थीं।
भारत में भी कानूनी पेंच
कपूरथला जिले के गांव अमानीपुर से ताल्लुक रखने वाली सरबजीत के बारे में ग्रामीणों का कहना है कि उनके दो बेटे हैं। सुल्तानपुर लोधी में उनके खिलाफ कई मामले दर्ज बताए जाते हैं। गांव में उनकी आलीशान कोठी भी चर्चा का विषय रही है।
यह पूरा मामला अब केवल एक व्यक्तिगत निर्णय तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सुरक्षा, वीजा नियमों और दोनों देशों के संबंधों से जुड़ा संवेदनशील मुद्दा बन गया है। फिलहाल सरबजीत अपने पति के घर शेखूपुरा में रह रही हैं और दोनों देशों की एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
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