मुस्लिम महिला ने एसएसपी को दिया शिकायती पत्र, पति पर प्राथमिकी दर्ज. Concept Photo
जागरण संवाददाता, हल्द्वानी। उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू होने के बाद भी एक महिला को गैर-कानूनी तरीके से तलाक दिए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता ने पति पर उत्पीड़न, मारपीट, जान से मारने की धमकी और सोशल मीडिया पर अश्लील टिप्पणी कर बदनाम करने का आरोप लगाया है।
पुलिस के अनुसार नई बस्ती ताज मस्जिद वार्ड-26 हल्द्वानी निवासी आयशा ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल को शिकायती पत्र देकर बताया कि उनका विवाह आठ वर्ष पूर्व कालाढूंगी निवासी मुस्तजर फारूकी से हुआ था। शादी के बाद से ही पति का व्यवहार अत्यंत अमानवीय रहा और वह लगातार गाली-गलौच, मारपीट और शराब के नशे में हिंसा करता रहा। पति ने कई बार कालाढूंगी और हल्द्वानी में उसके साथ गंभीर मारपीट की, जिसके चलते पूर्व में भी थानों में मुकदमे दर्ज कराए गए थे। इसके बावजूद पति की प्रवृत्ति में कोई सुधार नहीं आया।
सबसे गंभीर आरोप यह है कि उत्तराखंड में यूसीसी कानून लागू होने के बाद भी आरोपित पति ने कई बार गैर-कानूनी तरीके से तलाक दे दिया और धमकी दी कि वह एक बड़ा पत्रकार है और शासन-प्रशासन में उसकी पकड़ है। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपित इंटरनेट मीडिया पर अभद्र और अश्लील पोस्ट डालकर उसे और उसके परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा है, जिससे वह डिप्रेशन में चली गई है।
महिला ने एसएसपी से मांग की है कि आरोपित के खिलाफ सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर उसे और उसके परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए। पीड़िता ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, महिला आयोग व कुमाऊं कमिश्नर को भी शिकायत भेजी है। पीड़िता की तहरीर पर आरोपित पति पर प्राथमिकी दर्ज हो गई है।
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